

Nawaz Sharif Wishes To Become PM After PoK Election: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे भारी चुनावी हलचल और खूनी टकराव के बीच एक बहुत ही बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। लंदन से वापस लौटे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अब PoK का नया प्रधानमंत्री बनने की अपनी बहुत बड़ी और नई इच्छा पूरी दुनिया के सामने जाहिर कर दी है।
मुजफ्फराबाद में एक बड़ी और विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने अपने इस नए और बड़े राजनीतिक दांव का पूरा खुलासा किया है। नवाज शरीफ का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब वहां चुनावी माहौल अपने पूरे चरम पर है।
नवाज शरीफ ने अपनी बेटी और पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के साथ इस विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह बेहद अहम और बड़ा बयान दिया। उन्होंने जनता से कहा कि अगर उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज यह चुनाव जीतती है, तो वह शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का पीएम बनाने को जरूर कहेंगे।
नवाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब PoK में चुनाव चल रहे हैं और उनकी पार्टी लगातार भारी बढ़त बनाए हुए है। राजनीतिक विश्लेषक इसे लोगों की सहानुभूति पाने का एक बहुत ही नया और सोची-समझी रणनीति वाला तरीका मान रहे हैं।
जुलाई 2026 के अंत में शुरू हुए PoK के इस तथाकथित विधानसभा चुनाव को मुख्य रूप से तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है। 27 जुलाई को पहले चरण में मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर हुए मतदान में से पीएमएल-एन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ सीटें जीत ली हैं।
वहीं पीपुल्स पार्टी को सिर्फ चार सीटें मिली हैं और 2 अगस्त को दूसरे चरण में मुजफ्फराबाद डिवीजन में भी पीएमएल-एन का पूरा दबदबा साफ नजर आया है। अब तक पहले दो चरणों में पीएमएल-एन के खाते में करीब 23 सीटें आ चुकी हैं, जो कि सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का एक बहुत मजबूत आंकड़ा है।
PoK के मौजूदा संविधान के सख्त नियमों के अनुसार वहां का प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार का वहां का स्थायी निवासी और पंजीकृत मतदाता होना बहुत जरूरी है। नवाज शरीफ मुख्य रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आते हैं और वर्तमान में वह PoK की इस तथाकथित विधानसभा के निर्वाचित सदस्य बिल्कुल भी नहीं हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक बिना विधानसभा सदस्य बने वह सीधे तौर पर PoK के प्रधानमंत्री के इस बड़े पद पर नहीं बैठ सकते हैं। इसके लिए उन्हें भविष्य में किसी सीट से चुनाव लड़कर अपनी जीत दर्ज करनी होगी, जिसके बाद ही उनका रास्ता साफ हो पाएगा।
भारत PoK पर पाकिस्तान के इस अवैध कब्जे और वहां पर जबरन हो रहे इन तमाम दिखावटी चुनावों को बिल्कुल भी कोई आधिकारिक मान्यता नहीं देता है। भारत सरकार का हमेशा से यह कड़ा और स्पष्ट कहना रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश उसके अपने अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।
नई दिल्ली का यह भी कड़ा रुख है कि पाकिस्तान ने इन केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर दशकों से गैर-कानूनी और जबरन कब्जा कर रखा है। पाकिस्तान 1947 से ही यहां जानबूझकर एक अलग सरकार और प्रधानमंत्री का पद बनाकर पूरी दुनिया की आंखों में सिर्फ धूल झोंक रहा है।
इस पूरी चुनावी कामयाबी के बाद पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी पार्टी की इस शानदार जीत का पूरा श्रेय अपने बड़े भाई नवाज शरीफ को दिया है। शहबाज शरीफ ने खुलकर कहा कि यह भारी जीत नवाज शरीफ और पूरी पीएमएल-एन टीम की दिन-रात की गई बहुत ही कड़ी मेहनत का ही मुख्य और बड़ा नतीजा है।
चुनाव का तीसरा और आखिरी चरण 10 अगस्त को पूंछ डिवीजन में होना बाकी है, लेकिन मौजूदा चुनावी नतीजे साफ बता रहे हैं कि पार्टी आसानी से अपनी सरकार बनाएगी। अब यह देखना बहुत ही ज्यादा अहम होगा कि क्या वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने बड़े भाई की यह इच्छा पूरी करते हैं या नहीं।