- Hindi News »
- Maharashtra »
- Pune »
- Emergency Crisis Management Plan Mumbai Pune Expressway
Expressway Crisis: 32 घंटे का जाम फिर न लगे, एक्सप्रेसवे क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान लागू करने की आवश्यकता
Expressway Crisis Management Plan: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 32 घंटे के महाजाम के बाद एक्सप्रेसवे क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान की जरूरत है, 'आपातकालीन रिस्पॉन्स नीति' तैयार होनी चाहिए।
- Written By: अनिल सिंह

Expressway Crisis Management Plan प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Infrastructure Strategy: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर हादसे के बाद उपजा 32 घंटे का मानवीय संकट यह बताने के लिए काफी है कि केवल चौड़ी सड़कें बनाना ही ‘विकास’ नहीं है। बुनियादी ढांचे के विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हमारे पास एक मजबूत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल (Emergency Response Protocol) नहीं होगा, तब तक एक छोटा सा हादसा भी लाखों लोगों की जान जोखिम में डालता रहेगा। उद्योगपति सुधीर मेहता के एयरलिफ्ट होने और आम जनता के तड़पने के बाद अब सरकार के सामने ‘क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान’ को लागू करने की आवश्यकता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के पहले 60 मिनट (Golden Hour) के भीतर स्थिति को नियंत्रित करना और फंसे हुए यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित कराना है।
1. ड्रोन निगरानी और एआई-आधारित ट्रैफिक डायवर्जन
एक्सप्रेसवे के पूरे 94 किलोमीटर के हिस्से पर ‘ड्रोन स्टेशन’ होने चाहिए। दुर्घटना होते ही ड्रोन 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुँचकर लाइव फुटेज कंट्रोल रूम को भेजें। इसके साथ ही, एआई (AI) का उपयोग करके हादसे के पीछे मौजूद वाहनों को कम से कम 20 किलोमीटर पहले ही ‘डिजिटल बोर्ड’ के जरिए सूचित किया जाए और उन्हें पुराने मुंबई-पुणे हाईवे या अन्य संपर्क मार्गों पर डायवर्ट किया जाए।
सम्बंधित ख़बरें
बॉम्बे हाईकोर्ट का हंटर: मुंबई के सभी फेरीवालों का होगा वेरिफिकेशन, बांग्लादेश के घुसपैठियों पर शिकंजा
मुंबई में भारी बवाल: मलाड में हिंदू लड़कियों से मारपीट पर भड़की शिवसेना, निरुपम ने कुरार थाने का किया घेराव
बीड़ में दरिंदगी: 50 साल के दुकानदार ने 5वीं की छात्रा से किया दो बार रेप, ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचा
अशोक खरात मामले में विधानसभा में हंगामा: मंगलवार को बड़ा खुलासा करेंगे सीएम फडणवीस
ये भी पढ़ें- 32 घंटे का ‘नर्क’ और सिस्टम का सन्नाटा, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर फंसे लाखों लोगों का जिम्मेदार कौन?
2. ‘इमरजेंसी बे’ और बीच-बीच में ‘एग्जिट कट’
वर्तमान मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खामी यह है कि एक बार फंसने के बाद वहां से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। विशेषज्ञों ने हर 5 से 8 किलोमीटर पर ‘इमरजेंसी एग्जिट गेट’ बनाने का सुझाव दिया है, जिन्हें केवल संकट के समय खोला जा सके। इसके अलावा, भारी वाहनों के लिए सड़क के किनारे ‘इमरजेंसी ले-बाय’ (Lay-bys) होने चाहिए ताकि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तुरंत वहां शिफ्ट कर मुख्य मार्ग को साफ किया जा सके।
3. एयर एम्बुलेंस और ‘रैपिड रिस्पॉन्स’ टीम
जैसा कि सुधीर मेहता के मामले में देखा गया, हवाई मार्ग ही संकट में सबसे कारगर है। विशेषज्ञों की मांग है कि एक्सप्रेसवे के पास कम से कम तीन ‘हेलीपैड’ (खालापुर, लोनावला और उर्से) होने चाहिए। ये न केवल वीआईपी के लिए बल्कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अस्पताल पहुँचाने और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर उतारने के लिए इस्तेमाल किए जाने चाहिए।
4. मोबाइल टॉयलेट्स और ‘फूड वैन’ नेटवर्क
32 घंटे के जाम में सबसे बड़ी समस्या महिलाओं के लिए शौचालय और बच्चों के लिए भोजन की थी। क्राइसिस प्लान के तहत, एमएसआरडीसी (MSRDC) को ऐसी निजी संस्थाओं के साथ अनुबंध करना चाहिए जो जाम लगते ही एक घंटे के भीतर ‘मोबाइल टॉयलेट वैन’ और ‘फूड ट्रक्स’ को एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों में भेज सकें। प्रत्येक टोल प्लाजा पर आपातकालीन भोजन और दवाइयों का स्टॉक होना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
5. आपदा प्रबंधन के लिए ‘सिंगल कमांड सेंटर’
वर्तमान में, राजमार्ग पुलिस, जिला प्रशासन, आरटीओ और दमकल विभाग के बीच समन्वय की कमी है। विशेषज्ञों ने एक ‘सिंगल कमांड सेंटर’ (Single Command Center) बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसके पास दुर्घटना के समय सेना की तरह फैसले लेने का अधिकार हो, ताकि फाइलें घूमने के बजाय जमीन पर काम तुरंत शुरू हो सके।
Emergency crisis management plan mumbai pune expressway
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
मोबाइल में रखा डेटा हो सकता है चोरी, Perseus Malware से मचा हड़कंप, तुरंत करें ये काम
Mar 24, 2026 | 03:56 AMAaj Ka Rashifal 24 March: कर्क और सिंह राशि पर बरसेगा यश, कुंभ के लिए सावधानी का दिन; जानें अपनी राशि का हाल
Mar 24, 2026 | 12:05 AMदूल्हा निकला महाठग; खुद को बताया कलेक्टर, तिलक में लिए 15 लाख…फिर नई नवेली पत्नी का ही करने लगा सौदा- VIDEO
Mar 23, 2026 | 10:05 PMजेल से सीधे राज्यसभा जाएंगे उमर खालिद! मुस्लिम संगठनों ने कांग्रेस को लिखी चिट्ठी; जानें क्या कहा
Mar 23, 2026 | 10:04 PMशाही होगी एसटी का सफर, बेड़े में शामिल होंगी 3000 स्मार्ट बसें, ‘राजमाता जिजाऊ’ बसों का उद्घाटन
Mar 23, 2026 | 09:58 PMडॉक्टर सईद खान की घिनौनी करतूत! हिंदू युवती को नशीला इंजेक्शन देकर किया रेप, तस्वीरें खींचकर किया ब्लैकमेल
Mar 23, 2026 | 09:58 PMIPL 2026 से पहले ईशान-अभिषेक का तूफान भी पड़ा फीका, इस युवा बल्लेबाज ने खेली 70 रन की विस्फोटक पारी
Mar 23, 2026 | 09:56 PMवीडियो गैलरी

जिंदगी या जंग? खचाखच भरी ट्रेन, मूसलाधार बारिश और गेट पर लटकता कांपता हुआ यात्री; वायरल हुई बेबसी की तस्वीर
Mar 23, 2026 | 09:54 PM
संसद में गूंजी शांभवी चौधरी की शायरी! विपक्ष पर कसा तंज, PM मोदी के ‘राजधर्म’ को बताया सबसे ऊपर- VIDEO
Mar 23, 2026 | 09:48 PM
कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर में पुजारियों का तांडव! श्रद्धालुओं को जमीन पर पटककर लातों से पीटा, वीडियो वायरल
Mar 23, 2026 | 09:42 PM
शहीद दिवस पर संसद में ओम बिरला और सांसदों ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को दी गई श्रध्दांजली
Mar 23, 2026 | 01:51 PM
‘विपक्ष की आवाज दबा रही है भाजपा’, आतिशी का दिल्ली विधानसभा में ‘डबल स्टैंडर्ड’ को लेकर बड़ा आरोप- VIDEO
Mar 22, 2026 | 09:32 PM
यूपी में महिलाओं को साधने की तैयारी! अखिलेश यादव ने बेटियों और गरीब महिलाओं के लिए बड़ा वादा- VIDEO
Mar 22, 2026 | 09:26 PM














