

Balochistan Clash In Pakistan Highway: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहां स्थानीय लड़ाकों और सेना के बीच जारी खूनी संघर्ष के दौरान एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया गया है।
पाकिस्तानी सेना ने तत्परता दिखाते हुए 5 उग्रवादियों को मार गिराया और उनके द्वारा बंधक बनाए गए 23 नागरिकों को सुरक्षित छुड़ा लिया। यह पूरी वारदात 18 सितंबर की रात को कलात के पास राष्ट्रीय राजमार्ग N 25 पर हुई, जहां उग्रवादियों ने नाकाबंदी कर रखी थी।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने कलात के पास N-25 हाईवे पर एक चेक पोस्ट बना रखी थी। सेना का दावा है कि इस नाकाबंदी का इस्तेमाल राहगीरों को रोकने, जबरन वसूली और अपहरण जैसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
ISPR के मुताबिक, इसी दौरान करीब 23 नागरिकों को बंधक बना लिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और बंधकों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान शुरू किया।
ISPR के बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों के मौके पर पहुंचने के बाद हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में सेना ने कार्रवाई की, जिसमें 5 उग्रवादियों के मारे जाने का दावा किया गया।
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि मुठभेड़ के बाद सभी 23 नागरिकों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। अभियान पूरा होने के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
हालांकि, सेना द्वारा बताए गए हताहतों और बंधकों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। घटना से जुड़ी जानकारी फिलहाल मुख्य रूप से पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बयान पर आधारित है।
सैन्य अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने कथित उग्रवादियों के ठिकानों और नाकाबंदी वाले इलाके में तलाशी अभियान चलाया। ISPR के अनुसार, इस दौरान बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
इसके अलावा सुरक्षा बलों ने मौके से 6 ट्रक, 3 बसें और 2 कारें भी जब्त करने का दावा किया। सेना के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल उग्रवादियों की गतिविधियों में किया जा रहा था।
ISPR ने बताया कि आसपास के इलाकों में संभावित अन्य उग्रवादियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग और स्थानीय आबादी की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा बलों की गश्त भी बढ़ाई गई है।
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और अलगाववादी तथा सशस्त्र समूहों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमलों के साथ-साथ नागरिकों और सार्वजनिक स्थानों को प्रभावित करने वाली हिंसक घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
बलूचिस्तान में सक्रिय समूह पाकिस्तान से अलग स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करते रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सरकार और सेना इन समूहों के खिलाफ लगातार सुरक्षा अभियान चलाती रही है। सुरक्षा अभियानों के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगते रहे हैं।
बलूच अधिकार संगठनों और अन्य आलोचकों ने अतीत में जबरन गायब किए जाने और नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाए हैं। इन आरोपों और उनके पैमाने को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे हैं, इसलिए इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।