बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक के वो 5 मोमेंट्स... कुछ ऐसे महिला विश्वकप में भारतीय टीम बनीं चैंपियन

India Win Women World Cup 2025: भारतीय महिला टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीत इतिहास रच दिया। इस मुकाबले में पांच ऐसे पल थे, जिनके कारण टीम इंडिया का ये सपना साकार हुआ।
प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए घोषित हुई नॉमिनेशन लिस्ट, टीम इंडिया की स्टार क्रिकेटर ने बनाई जगह
कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Indian Women's Cricket Team: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया है। आज मुंबई के डीवाई पाटील स्टेडियम में खेले गए इस मैच में कई ऐसे पल रहे जिसके चलते भारतीय टीम यह इतिहास रचने में कामयाब रहे। मैच के ये पांच प्रमुख कारण कहे जा सकते हैं, जिसके चलते भारतीय टीम ने विश्व कप में जीत हासिल की है।

1-स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की शतकीय साझेदारी

स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के बीच पहले विकेट के लिए 17.4 ओवर में 104 रनों की साझेदारी प्रमुख रही, जिसके चलते भारतीय टीम एक मजबूत नींव रखने में सफल रही और फाइनल मुकाबले में 50 ओवरों में 298 रन बनाने में सफल रही।

2-ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की 3 साझेदारियां

ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की अर्धशतकीय पारी भी इस मैच में निर्णायक कही जा सकती है, क्योंकि बीच के ओवरों में एक छोर से जब विकेट गिरने लगे थे तो दीप्ति शर्मा ने 58 गेंद पर 58 रनों की एक अच्छी पारी खेली। साथ ही साथ उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत के साथ 52 रनों की, अमनजोत कौर के साथ 22 रनों की और रिचा घोष के साथ 47 रनों की साझेदारी की, जिसके चलते टीम को एक मजबूत स्कोर मिला।

3-दीप्ति शर्मा के 5 विकेट

गेंदबाजी की बात की जाए तो भारतीय टीम में 7 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया गया। रेणुका ठाकुर इस मैच में सबसे किफायती रहीं। हालांकि उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। लेकिन मैच में सबसे महत्वपूर्ण गेंदबाजी दीप्ति शर्मा ने की और उन्होंने 9.3 ओवरों में 39 रन देकर 5 विकेट हासिल किया।

4-शेफाली वर्मा के 2 विकेट

कप्तान हरमनप्रीत के द्वारा शेफाली वर्मा को भी गेंदबाजी में आजमाया गया। शेफाली वर्मा कप्तान के भरोसा पर खरा उतरीं। उन्होंने सात ओवरों की गेंदबाजी में 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल की और उसे समय उन्होंने टीम इंडिया को सफलता दिलाई जब भारतीय टीम को ब्रेक की जरूरत थी। उन्होंने सात ओवरों की गेंदबाजी में 36 रन देखकर दो विकेट हासिल किया।

5-अमनजोत की फील्डिंग

टीम इंडिया जब विकेट के लिए तरस रही थी तो अमनजोत ने टीम को पहली सफलता तजमिन ब्रिट्स को रन आउट करके दिलायी। इसके साथ ही साथ मैच में शतक लगाने वाली कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट का भी कैच पकड़ करके पवेलियन भेजा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com