गाजियाबाद सुसाइड कांड: कमरे की दीवारों पर लिखी वो 3 बातें, जिन्हें देख कांप जाएगी रूह!

Ghaziabad Triple Suicide: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन बहनों की आत्महत्या मामले में कमरे की दीवारों और डायरी से हुए खुलासों ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। जानिए मौत वाले कमरे में क्या-क्या दिखा।
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गाजियाबाद सुसाइड कांड, फोटो- सोशल मीडिया
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Korean Lover Game Suicide Case: गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या का मामला अब और भी डरावना होता जा रहा है। पुलिस को उनके कमरे में ऐसी तस्वीरें और दीवार पर लिखे संदेश मिले हैं, जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकते हैं।

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी के फ्लैट नंबर 907 में जब पुलिस की टीम जांच के लिए दाखिल हुई, तो वहां का मंजर देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। आत्महत्या करने वाली तीन सगी बहनों- निशिका, प्राची और पाखी के कमरे की दीवारों पर तन्हाई और दर्द के ऐसे संदेश लिखे थे, जो उनके भीतर चल रहे मानसिक उथल-पुथल को बयां कर रहे थे।

'प्राची बॉस थी...', पिता के खुलासे ने बढ़ाया सस्पेंस

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा उनके पिता चेतन ने किया है। उन्होंने बताया कि उनकी मंझली बेटी प्राची घर में 'बॉस' की तरह रहती थी। वह निशिका और पाखी को हुकुम देती थी और दोनों बहनें आंख मूंदकर उसका अनुसरण करती थीं। पिता के अनुसार, प्राची कहती थी कि वह बॉस है और बाकी दोनों उसे फॉलो करती हैं। उनका जुड़ाव इस हद तक था कि वे एक साथ टॉयलेट जाती थीं, एक साथ सोती थीं और बिना मोबाइल देखे एक निवाला भी नहीं खाती थीं। प्राची की यह 'कमांडिंग' भूमिका और बहनों का उस पर अंधविश्वास ही शायद उन्हें एक साथ मौत की छलांग लगाने तक ले गया।

दीवारों पर लिखी तन्हाई की दास्तां

कमरे की दीवार पर लिखा था- "मेक मी अ हर्ट ऑफ ब्रोकन" (Make me a heart of broken) और "आई एम वेरी अलोन" (I am very alone)। इसके साथ कमरे में और भी बेहद चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।

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सुसाइड नोट और वो 'रोती हुई तस्वीर'

कमरे से पुलिस को एक डायरी और सुसाइड नोट मिला है, जो किसी भी पत्थर दिल इंसान को झकझोर सकता है। सुसाइड नोट के ऊपर बड़े अक्षरों में लिखा था- "ट्रू लाइफ स्टोरी" (True Life Story)। इसी नोट में नीचे एक रोने वाली तस्वीर (स्केच) बनाई गई थी, जिसके आगे लिखा था- "आई एम रियली सॉरी पापा"। डायरी के पन्नों पर साफ तौर पर लिखा था- "वी लव कोरियन गेम्स" (We Love Korean Games)। ये साक्ष्य बताते हैं कि बच्चियां किसी काल्पनिक दुनिया को ही 'सच्ची कहानी' मान बैठी थीं और गेमिंग की लत ने उनके सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर दिया था।

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इसके साथ-साथ कमरे की फर्श पर ढेरों तस्वीरें बिखरी हुईं थीं जो भी बेहद संदेहास्पद हैं। कमरे में ये तस्वीरें क्यों बिखराई गईं थी? क्या ये गेम का ही कोई हिस्सा था या फिर गलती से बिखर गईं थी? इसका जवाब अब शायद ही मिल पाए।

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कोरियन कल्चर और 'मरने के बाद की दुनिया' का भ्रम

जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से इस कदर प्रभावित थीं कि वे हमेशा कोरिया जाने की रट लगाए रहती थीं। उन्होंने दो साल पहले ही स्कूल जाना छोड़ दिया था क्योंकि वे परीक्षाओं में फेल हो गई थीं। पिता ने बताया कि वे पढ़ने में कमजोर थीं और उनका पूरा समय केवल मोबाइल पर ही बीतता था।

जब माता-पिता ने उनके मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाई, तो उन्होंने इसे बर्दाश्त नहीं किया। पुलिस अब उन मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि उस 'कोरियन लव गेम' और उसके पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके, जिसने इन मासूमों के दिमाग में यह बात भर दी थी कि मरने के बाद उनकी एक 'अलग और बेहतर दुनिया' बनेगी।

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