Central Railway ने महाराष्ट्र के 12 कर्मचारियों को ‘जीएम सेफ्टी अवार्ड’ से किया सम्मानित, सूझबूझ से टाले हादसे

Maharashtra News: मध्य रेलवे ने मुंबई, नागपुर और पुणे समेत विभिन्न मंडलों के 12 सतर्क कर्मचारियों को अपनी सूझबूझ से संभावित हादसों को टालने के लिए 'जीएम सेफ्टी अवार्ड' से सम्मानित किया।
Central Railway GM Safety Award
मध्य रेलवे ने 12 कर्मचारियों को ‘जीएम सेफ्टी अवार्ड’ से सम्मानित किया (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Central Railway GM Safety Award: भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इस सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले 'मैदानी नायकों' (Field Heroes) को मध्य रेलवे (Central Railway) ने सम्मानित किया है। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) प्रतीक गोस्वामी ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) स्थित मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में 12 रेल कर्मचारियों को 'जीएम सेफ्टी अवार्ड' प्रदान किया।

इन कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी के दौरान न केवल असाधारण सतर्कता दिखाई, बल्कि अपनी सूझबूझ से कई बड़े रेल हादसों और अप्रिय घटनाओं को होने से रोक लिया। पुरस्कार के तौर पर प्रत्येक कर्मचारी को एक पदक, प्रशंसा पत्र, प्रशस्ति पत्र और ₹3,500 का नकद पुरस्कार दिया गया।

मुंबई डिवीजन के जांबाज: मौत के मुंह से निकाला बाहर

सम्मानित होने वालों में मुंबई डिवीजन के तीन कर्मचारी शामिल हैं। इसमें सबसे प्रमुख नाम लक्ष्मण रघुनाथ जाखरे का है। 2 जनवरी को जाखरे ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक यात्री को उस वक्त बचाया, जब वह चलती लोकल ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में गिरने वाला था। उनकी इस त्वरित प्रतिक्रिया ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया। इसके अलावा, कल्याण विभाग के ट्रेन मैनेजर पंढरीनाथ सोमा नाडेकर और रणजीत कुमार यादव को भी उनकी सतर्कता के लिए पुरस्कृत किया गया।

विभिन्न मंडलों से सम्मानित चेहरे

सुरक्षा के प्रति यह समर्पण केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा। मध्य रेलवे के अन्य मंडलों से भी कई योद्धाओं को सम्मानित किया गया:

  • नागपुर डिवीजन: लोको पायलट अनुराग श्रीवास्तव, प्रदीप निर्मल और उमेश मौर्य।
  • भुसावल डिवीजन: लोको पायलट फुल कुमार गौतम, राहुल चंदा और आरपीएफ कांस्टेबल विजय सुरादकर।
  • सोलापुर डिवीजन: जेई उमेश रमेश बदर और ट्रैक मेंटेनर भानुदास एन शेल्के।
  • पुणे डिवीजन: वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (SSE) कंचन कुमार।

महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने इन सभी कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि इनकी सजगता ही रेलवे की सबसे बड़ी ताकत है। ट्रैक की निगरानी से लेकर ट्रेन के संचालन तक, इन कर्मचारियों ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया, जिससे पिछले कुछ महीनों में परिचालन को सुरक्षित बनाने में मदद मिली।