
शेफाली वर्मा (फोटो-सोशल मीडिया)
Shafali Verma Birthday: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रामक सलामी बल्लेबाज और हरियाणा की कप्तान शेफाली वर्मा आज, 28 जनवरी 2025 को अपना 22वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और आक्रामक खेल के लिए मशहूर शेफाली ने कई अहम मुकाबलों में भारतीय टीम को जीत दिलाई है। हाल ही में हुए वर्ल्ड कप फाइनल में उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत को ट्रॉफी जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शेफाली वर्मा भारत के लिए खेलने वाली सबसे युवा क्रिकेटर (पुरुष और महिला दोनों में) के रूप में भी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। यह उपलब्धि उन्होंने अपने आदर्श खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए हासिल की। शेफाली का जन्म 28 जनवरी 2004 को हरियाणा के रोहतक में हुआ। उनका परिवार क्रिकेट प्रेमियों का था। पिता संजीव वर्मा का भी सपना था कि वे भारत के लिए खेलें, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण यह संभव नहीं हो पाया। पिता ने अपनी तीनों संतान शेफाली, उनकी छोटी बहन और बड़े भाई को हमेशा क्रिकेट खेलने की स्वतंत्रता दी।
छोटे से उम्र में ही शेफाली का क्रिकेट के प्रति जुनून देखने लायक था। नेट्स में घंटों अभ्यास, फिटनेस पर काम और तकनीक सुधारने का उनका जज्बा उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता था। उन्होंने बचपन से ही सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श माना और उनकी वीडियो देखकर अपनी बल्लेबाजी को और धारदार बनाया। दाएं हाथ की यह आक्रामक सलामी बल्लेबाज बचपन से ही देश के लिए खेलकर बड़ा नाम बनाने का सपना देखती आई हैं। इस जुनून और मेहनत ने उन्हें भारत के लिए खेलने वाली सबसे युवा क्रिकेटर बनने का गौरव प्रदान किया।
महज 15 साल 239 दिन की उम्र में शेफाली ने टी20 में भारत के लिए डेब्यू किया था। शेफाली ने सबसे युवा क्रिकेटर के रूप में भारत के लिए खेलने के अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ा था। सचिन ने 16 साल 238 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। शेफाली तीनों फॉर्मेट में भारत की तरफ से डेब्यू करने वाली (पुरुष या महिला) सबसे युवा क्रिकेटर हैं।

डेब्यू के बाद से शेफाली लगातार भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं। महिला वनडे विश्व कप 2025 से ठीक पहले वह खराब फॉर्म से गुजर रही थीं और इस वजह से उन्हें विश्व कप की टीम में नहीं चुना गया था। बतौर ओपनर स्मृति मंधाना के साथ प्रतिका रावल खेल रही थीं। प्रतिका रावल का प्रदर्शन भी अच्छा था, लेकिन सेमीफाइनल से ठीक पहले रावल इंजर्ड होकर विश्व कप से बाहर हो गईं।
उनकी जगह शेफाली वर्मा को मौका दिया गया। सेमीफाइनल में शेफाली का बल्ला नहीं चला, लेकिन 2 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में बल्ले और गेंद से दमदार प्रदर्शन कर न सिर्फ उन्होंने भारतीय टीम को पहली बार विश्व चैंपियन बनाया, बल्कि अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया। शेफाली का विश्व कप फाइनल में किया गया प्रदर्शन हमेशा याद किया जाएगा।
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फाइनल में शेफाली ने 78 गेंद पर 87 रन बनाने के अलावा 7 ओवर में 36 रन देकर 2 विकेट लिए थे और प्लेयर ऑफ द मैच रही थीं। किस्मत ने शेफाली को मौका दिया जिसका फायदा उन्होंने उठाया और भारत को चैंपियन बनाने के साथ ही एक बड़े रोल मॉडल के रूप में उभरीं हैं।
अब तक के करियर पर नजर डालें तो शेफाली ने 5 टेस्ट में 1 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 567 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 205 है। वहीं 31 वनडे में 5 अर्धशतक की मदद से 741 और 95 टी20 में 14 अर्धशतक की मदद से 2,462 रन बनाए हैं। शेफाली अभी सिर्फ 22 साल की हैं। उनका करियर बहुत लंबा है, और आने वाले समय में महिला क्रिकेट में बल्लेबाजी के तमाम रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं।






