मुंबई BEST की Olectra इलेक्ट्रिक बसें बनीं ब्रेकडाउन एक्सप्रेस! रोजाना खराब हो रहीं 12 बसें; प्रशासन सख्त

BEST Bus Breakdown: मुंबई में BEST की ओलेक्ट्रा इलेक्ट्रिक बसों के लगातार खराब होने से यात्री परेशान हैं। नवंबर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से पहले लापरवाही के आरोप पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
BEST Olectra Electric Bus Breakdown
मुंबई में चलने वाली बेस्ट की इलेक्ट्रिक बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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BEST Olectra Electric Bus Breakdown: मुंबई की बेस्ट सेवा में शामिल ओलेक्ट्रा की इलेक्ट्रिक बसों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। नवंबर में इन बसों की निर्धारित परिचालन अवधि पूरी होने वाली है, ऐसे में आरोप है कि संबंधित ठेकेदार रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा, जिससे रोजाना औसतन 10 से 12 बसें ब्रेकडाउन का शिकार हो रही हैं, जिस कारण यह सेवा ब्रेकडाउन एक्सप्रेस होती जा रही हैं।

वहीं, लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों और बढ़ती दुर्घटनाओं की आशंका के बीच बेस्ट प्रशासन ने हर डिपो में अधिकारियों की नियुक्ति कर बसों की तकनीकी जांच अनिवार्य कर दी है, ताकि फिटनेस जांच के बाद ही बसों को सड़क पर उतारा जा सके।

रोजाना 10 से 12 बसें हो रही हैं खराब

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में बेस्ट की ओलेक्ट्रा बसों में रोजाना औसतन 10 से 12 बसें ब्रेकडाउन का शिकार हो रही हैं। अधिकांश मामलों में बड़ी तकनीकी खराबी नहीं होती, बल्कि छोटी-छोटी कमियों के कारण बसें बीच रास्ते में बंद पड़ जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और बेस्ट की सेवाओं पर भी असर पड़ता है।

BEST प्रशासन ने डिपो में तैनात किए अधिकारी

इन परिस्थितियों को देखते हुए बेस्ट प्रशासन ने सभी बस डिपो में अधिकारियों की नियुक्ति की है। अब प्रत्येक बस को डिपो से रवाना करने से पहले उसकी तकनीकी जांच की जाएगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बस पूरी तरह सुरक्षित और संचालन के लिए फिट है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बसों के ब्रेकडाउन की घटनाओं को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कमियों को किया जा सकता है दूर

लगातार बढ़ रही ब्रेकडाउन की घटनाओं और रखरखाव को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बेस्ट प्रशासन अब बसों की निगरानी और तकनीकी निरीक्षण को और अधिक सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि नियमित और प्रभावी जांच से छोटी-छोटी तकनीकी कमियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा, जिससे बीच रास्ते में बसों के बंद होने की घटनाएं कम होंगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं निर्बाध सेवा मिल सकेगी।

टेंडर पूरा करने में भी फिसड्डी रही कंपनी

बेस्ट ने इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार के लिए ओलेक्ट्रा को बड़े पैमाने पर ठेका दिया है। पहले चरण में 2,100 इलेक्ट्रिक बसों का टेंडर जारी किया गया था, जिसमें कंपनी अब तक 685 बसों की ही आपूर्ति कर सकी है। वहीं, दूसरे चरण में 2,400 बसों का टेंडर दिए जाने के बावजूद अब तक इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हुआ है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी और यात्री?

बेस्ट परिवहन समिति के सदस्य सुनील गणचार्य ने बताया कि ओलेक्ट्रा की शुरुआती बसों के ठेके की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। यदि रखरखाव में लापरवाही सामने आती है, तो प्रशासन से जांच कराकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

यात्री राकेश यादव ने कहा कि रोजाना किसी न किसी बेस्ट बस के ब्रेकडाउन की वजह से सफर प्रभावित होता है। समय पर बस नहीं पहुंचती और यात्रियों को दूसरी बस का इंतजार करना पड़ता है।

यात्री पप्पू जायसवाल ने कहा कि यदि बसों का समय रखरखाव हो, तो बीच रास्ते में ब्रेकडाउन जैसी समस्या काफी हद तक रोकी जा सकती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित जांच जरूरी है।

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