सुप्रीम कोर्ट में जज के सामने गाली-गलौज, फिर भी CJI सूर्यकांत ने FIR से क्यों किया इनकार? जानिए पूरा मामला

Supreme Court CJI Surya Kant: सुप्रीम कोर्ट में जज के सामने कागज फेंकने और गाली-गलौज करने के मामले में सीजेआई सूर्यकांत ने एक्शन को लेकर बड़ा फैसला किया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
supreme court hearing viral video
सुप्रीम कोर्ट सुनवाई का वायरल वीडियो (सौजन्य-एक्स, स्क्रीनग्रैब)
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Supreme Court Hearing Viral Video: सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की बेंच के सामने कागज फेंकने और गाली गलौज देने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें याचिकाकर्ता जज के सामने कागज को उड़ाता हुआ और गाली देता नजर आ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर अब सीजेआई सूर्यकांत की प्रतिक्रिया सामने आई हैं।

सीजेआई सूर्यकांत ने बेंच के सामने कागज फेंकने वाले और गाली गलौज करने वाले याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी कदम नहीं उठाने का निर्णय लिया हैं। जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने याचिकाकर्ता के ऐसा करने पर सुरक्षाकर्मी ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया था और कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट के अंदर इस घटना के बाद रजिस्ट्रार की ओर से याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं लिया एक्शन?

हालांकि, इस मामले में कोई फैसला लेने से इनकार कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, कई बार लोग फेमस होने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते है। अगर इनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा तो इनका मकसद कामयाब हो जाएगा। जब रजिस्ट्रार की ओर से सीजेआई सूर्यकांत को इस घटना के बारे में बताया गया, तो उन्होंने भी इस मामलमे में किसी भी तरह का एक्शन न लेने का निर्देश दिया हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

सुप्रीम कोर्ट में जज के सामने सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता जो खुद अपना केस लड़ रहा था वो जज को ऑर्डर देता हुआ दिखा। याचिकाकर्ता ने जज के सामने कागज फेंक दिए और गाली-गलौज की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल, शुक्रवार के दिन सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने हंगामा खड़ा कर दिया। याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में जज के सामने गाली-गलौज की। याचिकाकर्ता ने अपनी बात कहकर कोर्ट रूम में केस की फाइल फेंक दी। इस दौरान कोर्ट रूम में चीफ जस्टिस सूर्यकांत मौजूद नहीं थे। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता बिना किसी वकील के खुल अपना केस लड़ रहा था।

सुनवाई के दौरान, उन्होंने खुद को "संप्रभु" घोषित किया और केस की फाइलें हवा में उछाल दीं। याचिकाकर्ता के इस व्यवहार से कोर्ट रूम में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाल दिया।

ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग

जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, पिटीशनर ने कहा, “योर ऑनर, मैं आपको लखनऊ के ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देता हूं।” जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताई और पूछा, “क्या आप मुझे आदेश दे रहे हैं?”

पिटीशनर ने जवाब दिया, “मेरी तरफ से बस इतना ही, सब कुछ रिकॉर्ड में है।” फिर उसने केस की फाइल को हवा में उछाल दिया और गाली-गलौज करने लगा। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और उसे कोर्ट रूम से बाहर ले गए।

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