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	<title>डिण्‍डौरी &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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	<description>सदैव अपने पाठकों के साथ</description>
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	<item>
		<title>डिंडोरी में निर्माणाधीन पुल के डिजाइन पर उठा सवाल, विधायक ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए सुधार के निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रीतेश जैन]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 07:46:19 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Thu, 04 Jun 2026 07:46:40 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[डिण्‍डौरी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[MLA Omprakash Dhurve Inspection: डिंडोरी के अमरपुर में खरमेर नदी पर बन रहे पुल में तकनीकी खामी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों दिशा-निर्देश दिए।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/06/dindori-mla-inspection_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Dindori Kharmer River Bridge Construction Controversy Mla Omprakash Dhurve"  fetchpriority="high"   /></figure><p><strong>Dindori Bridge Construction Controversy:</strong> डिंडोरी के अमरपुर विकासखंड में खरमेर नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। निर्माणाधीन पुल के एप्रोच मार्ग में कथित तकनीकी खामी सामने आने के बाद क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार करीब चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस पुल का निर्माण अमरपुर क्षेत्र को जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने पाया कि पुल के एप्रोच मार्ग पर अत्यधिक तीखा मोड़ बनाया गया है, जिससे भविष्य में सड़क सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।</p>
<h3>तीखे मोड़ से जोखिम</h3>
<p>विधायक धुर्वे ने कहा कि पुल जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि एप्रोच रोड पर बना तीखा मोड़ वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ा सकता है। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस मामले में जवाब भी तलब किया।</p>
<h3>सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश</h3>
<p>निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/chandrapur/nandori-bridge-approval-honor-ceremony-shiv-sena-joining-1503943.html">पुल निर्माण</a> कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और जहां भी आवश्यक हो, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<h3>जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई</h3>
<p>विधायक ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत दी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a class="title" title="MP Weather Report: 20 जून के बाद मानसून की दस्तक संभव, प्री-मानसून सिस्टम से बारिश और आंधी का दौर जारी" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-weather-alert-rain-thunderstorm-hailstorm-pre-monsoon-activity-1774704.html"><span class="color-red">MP Weather Report</span>: 20 जून के बाद मानसून की दस्तक संभव, प्री-मानसून सिस्टम से बारिश और आंधी का दौर जारी</a></strong></p>
<h3>भविष्य में हादसों की खतरा</h3>
<p>इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुल की डिजाइन को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि निर्माण पूरा होने से पहले यदि तकनीकी त्रुटियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में हादसों का खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/dindori/dindori-khamariya-village-water-crisis-villagers-facing-jal-sankat-1759562.html">डिंडोरी जिला प्रशासन</a> से समय रहते आवश्यक सुधार कराने की मांग की है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मामले का परीक्षण कर आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद पुल निर्माण की डिजाइन में क्या बदलाव किए जाते हैं और निर्माण कार्य किस दिशा में आगे बढ़ता है।</p>
<p><iframe title="कमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा, बढ़े दामों पर क्या बोले इंदौर के व्यापारी" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/SiJDQhnCYaY" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<title>गोबर से गैस, गैस से भोजन: डिंडौरी में बिहारी लाल साहू ने पेश की आत्मनिर्भर खेती की मिसाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[प्रीतेश जैन]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 14:22:40 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sat, 30 May 2026 14:22:40 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[डिण्‍डौरी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Farming]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Organic Farming]]></category>
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					<description><![CDATA[Food From Biogas: डिंडौरी में नर्मदांचल गौ सेवा समिति बायोगैस से भोजन बना रही है। बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित समिति किसानों को ट्रेनिंग देती है। साथ ही जैविक उत्पादों को बनाती और बेचती भी है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/dindori-biogas_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Dindori Biogas Project Gobar Gas Organic Farming Bihari Lal Sahu"     /></figure><p><strong>Dindori Biogas Project:</strong> डिंडौरी के ढोंढ़ा स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गोबर गैस (बायोगैस) के उपयोग से भोजन बनाने की शुरुआत हो गई है। इस पहल से एलपीजी गैस की खपत में कमी आएगी और किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग का व्यावहारिक उदाहरण मिलेगा। समिति का संचालन जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा किया जाता है, जो पिछले एक दशक से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p>बिहारी लाल साहू ने बताया कि गोबर गैस संयंत्र पशुओं के गोबर और अन्य जैव-अपघटनीय पदार्थों से तैयार किया गया है। संयंत्र में गोबर का घोल डाला जाता है, जिससे ऑक्सीजन रहित प्रक्रिया के माध्यम से बायोगैस का निर्माण होता है। इस गैस में लगभग 55 से 65 प्रतिशत मीथेन और 30 से 40 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड पैदा होती है, जिसका उपयोग सीधे रसोई में भोजन पकाने के लिए किया जा रहा है।</p>
<h3>कई सालों तक चलता है संयंत्र</h3>
<p>उन्होंने बताया कि <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/amravati/amravati-biogas-plant-subsidy-scheme-rural-development-lpg-alternative-1662897.html">बायो गैस संयंत्र</a> से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में उपयोग की जाती है, जिससे खेती की लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। एक बार स्थापित होने के बाद यह संयंत्र कई सालों तक सुचारू रूप से काम करता है।</p>
<h3>जैविक खेती के प्रशिक्षण का बना केंद्र</h3>
<p>नर्मदांचल गौ सेवा समिति जैविक खेती के प्रशिक्षण और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। बिहारी लाल साहू अब तक प्राकृतिक और <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nagpur/nagpur-orange-farm-icar-scientists-visit-organic-farming-guidance-1710913.html">जैविक खेती</a> पर करीब 20 हजार विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। यहां किसानों, विद्यार्थियों, शासकीय संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों को जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव और लाइव डेमो भी उपलब्ध कराया जाता है।</p>
<h3>किसानों को मिल रही प्राकृतिक खेती की जानकारी</h3>
<p>राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और आत्मा परियोजना के तहत यहां किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। जिले में 33 बीआरसी किसानों को इस मॉडल से जोड़ा गया है। केंद्र पर प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a class="title" title="जल क्रांति की ओर मध्यप्रदेश, 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत रिकॉर्ड 2 लाख से अधिक संरचनाओं का कार्य पूरा" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/jal-ganga-samvardhan-abhiyan-mp-water-conservation-1763912.html">जल क्रांति की ओर मध्यप्रदेश, &amp;#8216;जल गंगा संवर्धन अभियान&amp;#8217; के तहत रिकॉर्ड 2 लाख से अधिक संरचनाओं का कार्य पूरा</a></strong></p>
<h3>जैविक खाद और उत्पादों का निर्माण</h3>
<p>समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक उत्पादों का निर्माण और विक्रय किया जाता है। इनमें केंचुआ खाद, वर्मीवॉश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र और बीज उपचार जैसे उत्पाद शामिल हैं। साथ ही किसानों को इन उत्पादों के उपयोग और निर्माण की जानकारी भी निःशुल्क प्रदान की जाती है। फार्म पर केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी और मेथी सहित कई फसलें जैविक पद्धति से उगाई जा रही हैं।</p>
<p><iframe title="Pandit Pradeep Mishra विवाद में नया धमाका! पूर्व आयोजक का पलटवार, लगाए गंभीर आरोप" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/cSsPRKtk120" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p>&amp;nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>डिंडोरी कलेक्टर का एक्शन, चिलचिलाती धूप में ग्राउंड पर उतरीं अंजू पवन भदौरिया; मौके पर पहुंचकर सुधरवाया बोरवेल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/dindori/collector-anju-pawan-bhadauria-action-on-water-crisis-1762453.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 16:39:31 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Fri, 29 May 2026 17:10:14 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[डिण्‍डौरी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<category><![CDATA[Water Crisis]]></category>
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					<description><![CDATA[Dindori Collector Action: डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जनसुनवाई की शिकायत पर घुसिया गांव पहुंचकर खराब बोरवेल सुधरवाया और जान जोखिम में डालने वाले ग्रामीणों को पानी पिलाया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Dindori-Collector-Anju-Pawan-Bhadauria-Action_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Collector Anju Pawan Bhadauria Action On Water Crisis"     /></figure><p><strong>Dindori Collector Anju Pawan Bhadauria Action:</strong> मध्य प्रदेश के आदिवासी जिला डिंडोरी में भीषण गर्मी के चलते जहां जिले का जल स्तर तेजी से गिर रहा हैं वहीं पेयजल की समस्या चारों तरफ से तेजी से आने लगी हैं। जिसको लेकर ग्रामीण न सिर्फ जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं बल्कि इसके लिए सड़को में उतर कर भी आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं। इन सब की बावजूद डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया अपने स्वभाव के अनुरूप ही काम कर रही हैं।</p>
<p>डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशों के परिपालन में जिला में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम तैयार कर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई और नम्बर जारी किए,ताकि ग्रामीणों को गांव की समस्या सीधे फोन के माध्यम से जिला के अधिकारियों तक सीधे मिल सके और उसका निराकरण सुनिश्चित हो।</p>
<h3>घुसिया से भी सामने आया गंभीर मामला</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/gondia/gondia-gram-panchayat-corruption-allegations-sarpanch-ceo-complaint-2026-1759382.html/amp">ग्राम पंचायत</a> घुसिया से पेयजल संकट का एक गंभीर मामला सामने आया, जहां ढीमर टोला के ग्रामीण पिछले 8 से 10 दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे थे। हालात इतने खराब हो गए थे कि लोगों को पीने के पानी के लिए सूखे कुएं में उतरकर जान जोखिम में डालनी पड़ रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के सरपंच और सचिव की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।</p>
<h3>सरकारी बोरवेल हो गया था खराब</h3>
<p>जानकारी के अनुसार, ढीमर टोला में लगा सरकारी बोरवेल कुछ दिनों पहले खराब हो गया था। इसके बावजूद पंचायत के जिम्मेदारों ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी नहीं समझा। स्थानीय स्तर पर ही समस्या का समाधान करने में करीब दस दिन लगा दिए गए, जिससे पूरे इलाके में पेयजल संकट गहरा गया। मजबूरी में ग्रामीण महिलाएं और अन्य लोग सूखे कुएं में उतरकर पानी निकालने को विवश हो गए।</p>
<h3>ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत</h3>
<p>मामले की जानकारी जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को दी। शिकायत मिलते ही शुक्रवार को कलेक्टर स्वयं ग्राम घुसिया के ढीमर टोला पहुंचीं। उन्होंने तेज धूप में मौके पर खड़े रहकर खराब पड़े बोरवेल को तुरंत सुधरवाया। काफी प्रयासों के बाद जब बोरवेल से तेज पानी निकलना शुरू हुआ तो ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे।</p>
<h3>जान जोखिम में डालकर पानी लेने न उतरें- कलेक्टर</h3>
<p>कलेक्टर ने कुएं में उतरकर पानी भरने वाले ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से पानी पिलाया। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में इस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर पानी लेने की कोशिश न करें। अधिकारियों को भी <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mp-drinking-water-crisis-cm-mohan-yadav-orders-leave-ban-on-staff-1753022.html">पेयजल व्यवस्था</a> को लेकर सतर्क रहने और ऐसी लापरवाही दोबारा न होने देने के निर्देश दिए गए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="इंदौर के चोइथराम चौराहे पर संग्राम, शराब दुकान के बाहर जमकर चले लात-घूंसे; सरेआम हवाई फायरिंग" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/choithram-square-firing-case-wine-shop-between-two-parties-1762273.html">इंदौर के चोइथराम चौराहे पर संग्राम, शराब दुकान के बाहर जमकर चले लात-घूंसे; सरेआम हवाई फायरिंग</a></strong></p>
<p>कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के इस प्रयास की सराहना पूरे घुसिया गांव में ग्रामीणों द्वारा की जा रही हैं। ग्रामीण कह रहे है कि गांव के लोगों की समस्या को गांव आकर देखने वाली कलेक्टर बहुत अच्छी हैं नहीं तो बाकी अधिकारी इस भीषण गर्मी में कहा अपने एसी कमरे से निकलते हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Twisha Sharma केस में रिश्तों का राज, पति-पत्नी के बीच कौन" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/xQqywHUzF6U" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Dindori News: भीषण गर्मी में सूखे कुएं के कंठ, कौन बुझाएगा वनग्राम खमरिया के ग्रामीण की प्यास?</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/dindori/dindori-district-mehdwani-sukhlodi-panchayat-khamhariya-water-crisis-1761094.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 May 2026 21:27:57 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Thu, 28 May 2026 21:27:57 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[डिण्‍डौरी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1761094</guid>

					<description><![CDATA[Water Crisis Sukhlodi Panchayat: डिंडोरी के वनग्राम खम्हरिया में बूंद-बूंद पानी का संकट। ग्रामीणों को 2 किलोमीटर दूर से ढोना पड़ रहा पानी, जनपद का घेराव।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Dindori-District-Water-Crisis_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Dindori District Mehdwani Sukhlodi Panchayat Khamhariya Water Crisis"     /></figure><p><strong>Dindori District Water Crisis:</strong> मध्य प्रदेश के आदिवासी जिला डिंडोरी में एक तरफ जल गंगा संवर्धन के तहत पानी को सजेहने की कवायद जोरों से चल रही है वही दूसरी तरफ वनग्राम खम्हरिया के ग्रामीण सूखे कुएं से बूंद बूंद पानी के लिए भीषण गर्मी में जर्जर रास्तों की दूरी तय कर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। नजारा डिंडोरी जिला के मेहदवानी विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुखलोड़ी की वनग्राम खम्हरिया का हैं।</p>
<p>एक तरफ मध्य प्रदेश की मोहन यादव की सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।</p>
<h3>पंचायत विभाग की लापरवाही की वजह से बढ़ा संकट</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-arrawati-gram-panchayat-scam-villagers-protest-district-panchayat-office-1756951.html"> पंचायत विभाग</a> की लापरवाही और उदासीनता के चलते गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है। स्थिति यह है कि गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं,सूखे कुएं में जितना पानी का रिसाव होता है वह एक जगह इकट्ठा होता है, बाल्टी के जरिए कुएं में इकट्ठा हुए पानी को ग्रामीण अपने पीने के लिए निकलाते है,तब जाकर उनकी प्यास बुझती है। लेकिन पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।</p>
<h3>ग्रामीणों को 2 किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा</h3>
<p>ऐसे है कि ग्रामीणों को रोजाना पहाड़ी और घाट चढ़कर करीब 2 किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या बताई गई  लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। न तो टैंकर की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।</p>
<h3>ग्रामीणों ने रखी यह मांग</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-water-crisis-urban-body-report-heatwave-1756806.html">जल संकट</a> से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="सिर पर गहरे घाव और गले पर निशान, सागर के जंगल में तेंदुए की रहस्यमयी मौत! दूसरे तेंदुए से खूनी संघर्ष की आशंका" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/ambedkar-sanctuary-leopard-death-forest-department-investigating-case-1760704.html">सिर पर गहरे घाव और गले पर निशान, सागर के जंगल में तेंदुए की रहस्यमयी मौत! दूसरे तेंदुए से खूनी संघर्ष की आशंका</a></strong></p>
<p>सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हर साल गर्मियों में जल संकट की स्थिति बनती है, तो आखिर पंचायत विभाग पहले से तैयारी क्यों नहीं करता? करोड़ों की योजनाओं और कागजी दावों के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
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		<title>डिंडोरी का प्यासा गांव: भीषण गर्मी में सूखे कुए और बावड़ी, बूंद-बूंद पानी के लिए 2KM दूर जाने को मजबूर ग्रामीण</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/dindori/dindori-khamariya-village-water-crisis-villagers-facing-jal-sankat-1759562.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रीतेश जैन]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 May 2026 13:56:14 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Thu, 28 May 2026 13:56:14 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[डिण्‍डौरी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Water Crisis]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1759562</guid>

					<description><![CDATA[Khmariya Village Water Problem: डिंडोरी के खमरिया गांव पानी की समस्या से जूझ रहा है। भीषण गर्मी में गांव के जल स्त्रोत सूख गए हैं। ऐसे में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए 2 किमी दूर जाने को मजबूर हैं।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/dindori-water-crisis_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Dindori Khamariya Village Water Crisis Villagers Facing Jal Sankat"     /></figure><p><strong>Dindori Water Crisis News:</strong> डिंडोरी जिले के आदिवासी अंचल में भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट गहराता जा रहा है। मेहदवानी विकासखंड की ग्राम पंचायत सुखलोड़ी के वनग्राम खमरिया में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहां ग्रामीण सूखे कुएं से बूंद-बूंद पानी निकालकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। एक तरफ सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण और हर घर जल पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। जहां थोड़ा बहुत रिसाव होता है, वहां जमा हुए पानी को बाल्टी के सहारे निकालकर पीने योग्य बनाया जा रहा है। लेकिन यह व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3>रोजाना 2 किलोमीटर दूर से पानी ला रहे ग्रामीण</h3>
<p>गर्मी के इस मौसम में ग्रामीणों को करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट का रास्ता तय कर पानी लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है, जो रोजाना इस कठिन सफर से गुजरने को मजबूर हैं।</p>
<h3>जिम्मेदारों से शिकायत पर मिला सिर्फ आश्वासन</h3>
<p>ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-arrawati-gram-panchayat-scam-villagers-protest-district-panchayat-office-1756951.html">पंचायत सचिव</a> और जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। न तो गांव में टैंकर की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से लोगों में गहरा आक्रोश है। पानी की किल्लत से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल राहत की मांग की।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a class="title" title="ट्विशा शर्मा केस: गिरीबाला सिंह के घर पहुंची CBI, कर रही है पूछताछ, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/twisha-sharma-death-case-cbi-reaches-giribala-singh-house-bhopal-1759424.html"><span class="color-red">ट्विशा शर्मा केस</span>: गिरीबाला सिंह के घर पहुंची CBI, कर रही है पूछताछ, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी</a></strong></p>
<h3>ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी</h3>
<p>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर साल गर्मियों में <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mp-drinking-water-crisis-cm-mohan-yadav-orders-leave-ban-on-staff-1753022.html">जल संकट</a> की स्थिति बनने के बावजूद जिम्मेदार विभाग पहले से तैयारी क्यों नहीं करता? करोड़ों रुपए की योजनाओं और कागजी दावों के बीच ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा—पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="गर्लफ्रेंड के लिए तय किया 600 KM का सफर, उत्तर प्रदेश से  दतिया पहुंचा शख्स | MP Viral Latest" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/hAoRgKglCiA" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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