'नल है पर जल नहीं' बनकर रह गई 'हर घर नल-जल' योजना, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे दर्जनों गांव, प्रशासन पर असर नहीं

Ichhawar Water Shortage: सीहोर जिले की इछावर विधानसभा के दर्जनों गांव पानी की कमी से जूझ रहे हैं। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए कई किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही।
Sehore Water Crisis
पानी के लिए जद्दोजहद करते ग्रामीण (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
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Sehore Drinking Water Crisis: सीहोर जिले की इछावर विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। ग्राम दौलतपुर, दूधलाई सहित दर्जनों गांवों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के साथ-साथ मवेशियों के सामने भी पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्र में जल संकट को लेकर अब लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की 'हर घर नल-जल योजना' सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है। साल 2021 में क्षेत्रीय विधायक और वर्तमान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दावा किया था कि 2023 तक हर ग्रामीण के घर तक साफ पानी पहुंचाया जाएगा, लेकिन आज भी कई गांवों में लोग पानी के लिए परेशान हैं। गांवों में पाइपलाइन और नल तो लगाए गए, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा। कई जगह काम अधूरा पड़ा हुआ है।

गंदा पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि योजना अब 'हर घर नल-जल' नहीं बल्कि 'नल है पर जल नहीं' योजना बनकर रह गई है। गांवों के कुएं, बावड़ियां और हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं। जो थोड़े बहुत जल स्रोत बचे हैं, उनमें पानी काफी नीचे चला गया है। ऐसे में ग्रामीण झिरियों और गड्ढों से मटमैला और दूषित पानी निकालकर पीने को मजबूर हैं। इससे मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

कई पशुओं की भी मौत

जल संकट का असर अब पशुओं पर भी दिखाई देने लगा है। पानी और चारे की कमी के कारण मवेशियों की हालत खराब हो रही है और कई पशुओं की मौत की खबरें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।

पढ़ाई छोड़ पानी लाने में जुटे हैं बच्चे

ग्राम पंचायत दौलतपुर के सरपंच मोहम्मद आसिफ ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन आज गांव के बच्चे पढ़ाई छोड़कर पानी लाने में जुटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक करण सिंह वर्मा चुनाव के समय ही गांव आते हैं, जबकि बाकी समय गांव की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।

समस्या का समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टैंकरों या वैकल्पिक साधनों से पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने सीहोर कलेक्टर कार्यालय के घेराव की भी चेतावनी दी है।

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