

Neha Jain Fake Signature Case: सागर जिले के देवरी कलां नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में देवरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वार्ड क्रमांक-5 की पार्षद सुनीता लोधी की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में पार्षद सुनीता लोधी ने आरोप लगाया है कि वे वर्ष 2024 तक अध्यक्ष द्वारा गठित प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल (पीआईसी) की सदस्य थीं। शिकायत के अनुसार 23 जनवरी 2023 से 13 दिसंबर 2023 के बीच आयोजित 11 पीआईसी बैठकों के हाजिरी रजिस्टर में उनके नाम के आगे हस्ताक्षर दर्ज किए गए हैं, जबकि वे इन बैठकों में शामिल ही नहीं हुई थीं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें इन बैठकों की न तो लिखित, न मौखिक और न ही फोन पर कोई सूचना दी गई थी। बाद में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत बैठकों के प्रस्ताव और हाजिरी रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने पर कथित फर्जी हस्ताक्षरों का खुलासा हुआ।
सुनीता लोधी ने शिकायत में यह भी बताया कि नगर पालिका परिषद की अन्य बैठकों में उन्होंने स्वयं उपस्थित होकर हस्ताक्षर किए थे। इन हस्ताक्षरों की तुलना करने पर पीआईसी बैठकों में दर्ज हस्ताक्षर अलग प्रतीत होते हैं। उनका आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर बैठकों की कार्रवाई को वैध दिखाया गया और प्रस्ताव पारित किए गए। शिकायत में नगर पालिका अध्यक्ष पर षड्यंत्रपूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध लाभ प्राप्त करने तथा शासकीय योजनाओं और राशि के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं।
देवरी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के विरुद्ध धोखाधड़ी, मूल्यवान अभिलेख की कूटरचना, छल के उद्देश्य से कूटरचना और कूटरचित दस्तावेज का उपयोग के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में दस्तावेजों की जांच और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका की बैठकों से जुड़े दस्तावेजों में कथित फर्जी हस्ताक्षरों का मामला सामने आने के बाद देवरी की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले की जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हैं।