
Indiranagar Bridge Project:नंदोरी के इंदिरानगर क्षेत्र (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nandori Bridge Approval: नंदोरी ग्राम पंचायत अंतर्गत इंदिरानगर क्षेत्र के नागरिकों की वर्षों से लंबित पुल निर्माण की मांग जनआंदोलन के माध्यम से पूरी होने के बाद 4 जनवरी को नंदोरी गांव में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। शासन द्वारा पुल निर्माण के लिए 1 करोड़ 97 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने से इंदिरानगर क्षेत्र के नागरिकों, किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं स्कूली बच्चों में खुशी का माहौल देखा गया।
इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता शिवसेना लोकसभा संगठक मुकेश जीवतोडे ने की। कार्यक्रम में भद्रावती नगर परिषद के नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष प्रफुल चटकी, युवासेना महाराष्ट्र कार्यकारिणी सदस्य हर्षल शिंदे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। साथ ही युवासेना जिला प्रमुख आलेख रट्टे, युवासेना लोकसभा सचिव सूरज शाहा तथा युवासेना जिला संगठक सुमित हस्तक की विशेष उपस्थिति रही। भद्रावती के नवनियुक्त नगरसेवक महेश जीवतोडे एवं संतोष कुरेकार भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
पुल के अभाव में गत वर्ष पानी में बह जाने से दिवंगत हुए स्वर्गीय कवडुजी येटे को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात नंदोरी ग्रामवासियों एवं इंदिरानगर के नागरिकों की ओर से उपस्थित अतिथियों का शाल एवं श्रीफल देकर सार्वजनिक सम्मान किया गया। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिला। नंदोरी ग्राम पंचायत अंतर्गत इंदिरानगर क्षेत्र के करीब 300 नागरिकों ने एक साथ शिवसेना में प्रवेश किया।
वक्ताओं ने कहा कि नंदोरी पुल की मांग को लेकर निकाली गई पैदल यात्रा और जनआंदोलन के कारण ही प्रशासन पर दबाव बना और शासन को निधि स्वीकृत करनी पड़ी। यह सफलता जनता की एकजुटता एवं शांतिपूर्ण संघर्ष का प्रतिफल है।
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कार्यक्रम का आयोजन युवासेना भद्रावती तहसील संगठक निलेश उरकुले, युवासेना सदस्य चंदू मडावी एवं समस्त नंदोरी ग्रामवासियों की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में पूर्व सभापति धनराज गुरुजी विरुटकर, ग्राम पंचायत सदस्य किशोर उमरे, शुष्मलता ताई ठेंगणे, वरोरा विधानसभा प्रमुख मुनेश्वर बदखल, भद्रावती युवासेना शहर प्रमुख राज चव्हाण, वरोरा युवासेना शहर प्रमुख चेतन सातपुते, वरोरा तालुका संगठक प्रशांत धुले सहित अनेक पदाधिकारी, किसान, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपस्थित मान्यवरों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पुल का निर्माण कार्य शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए, अन्यथा भविष्य में और तीव्र आंदोलन किया जाएगा।






