

Villagers Protest For Water Shortage Dindori: डिंडौरी जिला मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कनईसांगवा में पेयजल संकट ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया। पिछले तीन माह से नल-जल योजना ठप होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत और मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीण सड़क पर उतर आए और डिंडौरी-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नल-जल योजना महीनों से बंद पड़ी है, जिससे हजारों लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोजाना लंबी दूरी तय कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
पानी की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने खाली बर्तन और मटके लेकर डिंडौरी-अमरकंटक हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि यदि जल्द ही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ग्रामीणों की मांग है कि नल-जल योजना को तत्काल चालू कर नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में पानी के लिए संघर्ष न करना पड़े। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी कर पाता है।
जिला मुख्यालय से सटे गांव में तीन माह से पेयजल संकट बने रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।