दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का कट गया टिकट, भाजपा ने आशुतोष तिवारी को दिया मौका

Ashutosh Mishra BJP Candidate Datia: दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का बड़ा झटका, भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को दिया टिकट।
BJP names Ashutosh Tiwari as its candidate for the Datia Assembly by-election
भाजपा ने आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Datia By Election BJP Cut Narottam Mishra Ticket: दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। दरअसल, जिस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था, जिस बात की चर्चा काफी दीनों से चल रही थी। वह आखिर सच हुई। भारतीय जनता पार्टी ने दतिया के पूर्व विधायक और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है।

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ नेता आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया है। तिवारी शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल में ग्वालियर संभाग के संगठन मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वे मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

आरएसएस से जुड़े प्रमुख नेताओं में शामिल हैं आशुतोष तिवारी

आशुतोष तिवारी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े प्रमुख नेताओं में माना जाता है। वे मूल रूप से दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय से संघ तथा भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। टिकट चयन में भाजपा ने ब्राह्मण वर्ग के ही एक नए चेहरे को मौका देकर जातीय समीकरण को बरकरार रखा है, लेकिन नेतृत्व के स्तर पर नया विकल्प पेश करने का प्रयास किया है।

नए चेहरे पर दांव, भाजपा का यह है नया संदेश

भाजपा ने दतिया उपचुनाव में नए चेहरे को मैदान में उतारकर स्थानीय स्तर पर बदलाव और नई राजनीतिक दिशा का संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि, पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित समय में चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने की होगी। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, दतिया में भाजपा लंबे समय तक पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मजबूत जनाधार और उनके सशक्त संगठनात्मक नेटवर्क के दम पर चुनावी मुकाबले लड़ती रही है। बूथ स्तर तक उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।

ऐसे में नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसी संगठनात्मक नेटवर्क को कम समय में सक्रिय करना, कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना और मतदाताओं के बीच प्रभावी पकड़ बनाना होगी।

https://youtu.be/ED79tLrDCec?si=Fghbj18zsiY1yYSA

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com