

World News In Hindi: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने लंदन में भगोड़े व्यवसायी विजय माल्या के लिए एक भव्य और ग्लैमरस प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन का आयोजन किया। यह हाई-प्रोफाइल पार्टी लंदन के पॉश इलाके बेलग्रेव स्क्वायर स्थित ललित मोदी के आलीशान आवास पर हुई, जहां ग्लैमर, सेलिब्रिटी मेहमानों और शानदार साज-सज्जा ने इस आयोजन को खास बना दिया।
इस पार्टी में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हुए। बायोकॉन की संस्थापक और जानी-मानी उद्योगपति किरण मजूमदार-शॉ, हॉलीवुड अभिनेता इदरीस एल्बा और मशहूर फैशन डिजाइनर मनोविराज खोसला जैसे सेलिब्रिटीज की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी चर्चा में ला दिया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में किरण मजूमदार-शॉ को मनोविराज खोसला के साथ पोज देते हुए और अभिनेता इदरीस एल्बा से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।
इस कार्यक्रम की तस्वीरें मशहूर फोटोग्राफर जिम राइडेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में ललित मोदी को विजय माल्या के लिए “एक शानदार प्री-70वें जन्मदिन की पार्टी” आयोजित करने के लिए धन्यवाद भी दिया। इसके बाद से ही यह आयोजन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
ललित मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी में शामिल सभी मेहमानों का आभार जताया और विजय माल्या को अपना करीबी दोस्त बताते हुए उनकी सराहना की। इस बीच पार्टी का निमंत्रण कार्ड भी सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें विजय माल्या को किंग ऑफ गुड टाइम्स कहकर संबोधित किया गया था और उनके कार्टून चित्र का इस्तेमाल किया गया था।
हालांकि, इस आलीशान पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने ललित मोदी और विजय माल्या दोनों को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों का सामना करने वाले ये लोग सालों से भारतीय एजेंसियों से बचते हुए विदेश में खुलेआम जश्न कैसे मना रहे हैं। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में तो कुछ ने कड़े शब्दों में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर भी तंज कसा।
गौरतलब है कि विजय माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। उन पर भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। वहीं, ललित मोदी भी 2010 में आईपीएल से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद भारत छोड़ चुके हैं और तब से विदेश में रह रहे हैं।
यह पार्टी एक बार फिर इन दोनों विवादास्पद हस्तियों को सुर्खियों में ले आई है। सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि क्या कानून से बचते हुए इस तरह का खुला जश्न भारत की न्याय व्यवस्था का मजाक नहीं है।