
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Saif Al-Islam Gaddafi Death: लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे, सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हाल ही में हत्या कर दी गई है। सैफ को कभी अपने पिता का उत्तराधिकारी माना जाता था, लेकिन अब उनकी भी चार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। 53 साल के सैफ अल-इस्लाम की हत्या राजधानी त्रिपोली से लगभग 136 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित जिंटान शहर में हुई।
मुअम्मर गद्दाफी की हत्या के बाद सैफ अल-इस्लाम की जिंदगी बेहद मुश्किलों भरी थी; कभी बाघ पालने वाले इस ‘राजकुमार’ ने अपने पिता के शासन के बाद एक आम आदमी से भी बदतर जीवन जी। मुअम्मर गद्दाफी की 2011 में अरब स्प्रिंग के बाद विद्रोह ने तख्तापलट के दौरान कर दी थी।
जानकारी के अनुसार, गद्दाफी परिवार के करीबी सूत्र ने सऊदी अरब के सरकारी अखबार अल अरबिया को बताया कि हमलावरों ने सैफ को उनके घर के बगीचे में गोली मार दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बंदूकधारियों ने पहले घर के सुरक्षा कैमरे बंद किए और फिर सामने आकर उन्हें निशाना बनाया। हत्या की घटना रात लगभग 2:30 बजे हुई। सूत्रों के अनुसार, अभी स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे कौन जिम्मेदार था। सैफ के करीबी सहयोगियों में से एक ने इसे सीधे तौर पर हत्या बताया।
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी मुअम्मर गद्दाफी के दूसरे बेटे और एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व थे। उन्हें लंबे समय तक अपने पिता का उत्तराधिकारी माना जाता था और उन्हें लीबिया के सुधारवादी चेहरे के रूप में देखा जाता था। सैफ का उद्देश्य देश को दुनिया के साथ जोड़ना और लीबिया की अछूत स्थिति को खत्म करना था। उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ मिलकर काम किया और खुद को एक सुधारक के रूप में पेश किया।
शिक्षा के मामले में भी सैफ बेहद उच्चस्तरीय थे; उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की थी और अंग्रेजी फटाफट बोलते थे। उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सरकारों द्वारा लीबिया का पश्चिमी-अनुकूल और स्वीकार्य चेहरा माना जाता था। लेकिन 2011 में गद्दाफी शासन के खिलाफ शुरू हुए विद्रोह ने उनकी सारी योजनाओं को बदल दिया। उस समय से सैफ की जिंदगी लगातार संघर्ष और कठिनाईयों से भरी रही।
यह भी पढ़ें: ‘ट्रंप ने मुनीर के साथ रखैल…’, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भड़की पाकिस्तानी अवाम, अपनी ही सरकार की लगाई क्लास
सैफ अल-इस्लाम की हत्या न केवल गद्दाफी परिवार के लिए बल्कि लीबिया की राजनीतिक स्थिति के लिए भी एक बड़ा झटका है। उनके निधन के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता और अनिश्चितता और बढ़ सकती है। इस हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि सैफ की हत्या ऐसे समय में हुई है जब देश के प्रधानमंत्री ओसामा साद हम्माद और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल खलीफा हफ्तार पाकिस्तान के दौरे पर हैं। जिन्हें सैफ का राजनीतिक प्रतिद्वंदी माना जाता था।






