
ईरान और EU में बढ़ी टेंशन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
IRGC Terrorist Designation News In Hindi: ईरान और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कूटनीतिक कड़वाहट एक नए चरम पर पहुंच गई है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ द्वारा ईरान की अर्धसैनिक सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद ईरान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इस फैसले के विरोध में ईरान ने यूरोपीय संघ के सभी राजदूतों को तलब किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान पहले से ही पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और अमेरिका से संभावित सैन्य कार्रवाई के खतरे का सामना कर रहा है।
यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में IRGC की भूमिका को देखते हुए इसे आतंकवादी संगठन घोषित करने पर सहमति जताई थी। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत हुई और हजारों को हिरासत में लिया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका और कनाडा जैसे देश पहले ही IRGC को आतंकी सूची में डाल चुके हैं।
हालांकि इस कदम को प्रतीकात्मक माना जा रहा है, लेकिन इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ना तय है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में IRGC की बहुत बड़ी व्यावसायिक हिस्सेदारी है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने बताया कि राजदूतों को तलब करने की प्रक्रिया रविवार से शुरू होकर सोमवार तक जारी रही। उन्होंने इसे यूरोपीय संघ का एक ‘अवैध, अनुचित और बेहद गलत’ कदम बताया और चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में ईरान इसके जवाब में कड़े फैसले ले सकता है। इसके अलावा, ईरान की संसद के अध्यक्ष ने 2019 के एक कानून का हवाला देते हुए कहा है कि अब ईरान भी यूरोपीय संघ की सभी सेनाओं को ‘आतंकवादी संगठन’ मानता है।
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IRGC ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में अपना सैन्य अभ्यास जारी रखा है जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। दूसरी ओर, अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और मिसाइल विध्वंसक जहाजों की तैनाती कर दी है। हालांकि क्षेत्रीय देश युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।






