ईरान की खुली चेतावनी, 'बस एक छोटी गलती और जल उठेगा पूरा अमेरिका'; मौसवी ने ट्रंप को ललकारा

Iran US Tension: ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी हमले की स्थिति में कोई अमेरिकी सुरक्षित नहीं रहेगा। तनाव के बीच अंकारा में कूटनीतिक वार्ता की भी उम्मीद है।
Iran issues a stark warning, "Just one small mistake and all of America will be engulfed in flames"; Mousavi challenges Trump.
अब्द अल-रहीम मौसवी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Trump Warning News In Hindi: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार, 2 फरवरी 2026 को ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्द अल-रहीम मौसवी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन को कड़ी चेतावनी जारी की है।

मौसवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुश्मन की एक छोटी सी गलती ईरान को कार्रवाई करने की खुली छूट दे देगी, जिसके बाद दुनिया एक शक्तिशाली ईरान का अलग रूप देखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युद्ध छिड़ा तो इस क्षेत्र में लगी आग अमेरिका और उसके सहयोगियों को जला डालेगी और कोई भी अमेरिकी सुरक्षित नहीं रहेगा।

सैन्य तैयारी और क्षेत्रीय प्रतिरोध

चीफ ऑफ स्टाफ मौसवी ने जोर देकर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संघर्ष बढ़ता है तो क्षेत्रीय प्रतिरोध के पुरुष और महिलाएं इस क्षेत्र से बाहरी ताकतों की मौजूदगी को पूरी तरह मिटा देंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी नौसेना ईरान के निकट अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा रही है। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि ईरान बातचीत के लिए गंभीर है लेकिन उन्होंने सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है।

अंकारा में हो सकती है बैठक

युद्ध की धमकियों के बीच कूटनीतिक रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को पुष्टि की कि तनाव कम करने के लिए विभिन्न कूटनीतिक प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।

बघाई के अनुसार, क्षेत्रीय देश (जैसे तुर्किए, मिस्र और कतर) संदेशों के माध्यम से मध्यस्थता कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले दिनों में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ के बीच तुर्किए के शहर अंकारा में एक उच्च स्तरीय बैठक हो सकती है।

मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं

वार्ता की संभावनाओं के बावजूद, ईरान ने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान निष्पक्ष और समान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन धमकियों के साये में कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह की कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम और रक्षात्मक क्षमताएं किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं होंगी। ईरान का आरोप है कि अमेरिका गलत सूचनाओं से प्रभावित हो रहा है और उसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जमीनी हकीकत को समझना चाहिए।

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