ईरान ने समुद्र में उतारी फौज...तो भड़क उठा अमेरिका, IRGC को दी खुली धमकी, 24 घंटे के अंदर होगा तेहरान पर हमला!

US-Iran War: अमेरिकी सेना ने IRGC को होर्मुज स्ट्रेट में अभ्यास रोकने की चेतावनी दी। ईरान रविवार को लाइव-फायर अभ्यास करेगा, जबकि अमेरिका ईरान पर हमला शुरू करने की योजना बना सकता है।
US Iran IRGC Military Drill Warning
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Iran IRGC Military Drill Warning: अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को स्पष्ट चेतावनी दी है और होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने अभ्यास को रोकने को कहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि वे IRGC की असुरक्षित हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इससे एक दिन पहले ही ईरान ने घोषणा की थी कि उसका रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स होर्मुज स्ट्रेट में दो दिन का लाइव-फायर नौसैनिक अभ्यास करेगा, जो रविवार से शुरू होगा। 

इस बीच रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी सप्ताहांत ईरान पर सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दे सकते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घोषित नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित और पेशेवर तरीके से किया जाए और समुद्री यातायात की स्वतंत्रता के लिए अनावश्यक जोखिम पैदा न हो। होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जहां रोजाना लगभग 100 व्यापारिक जहाज गुजरते हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड की चेतावनी

सेंट्रल कमांड ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और समुद्री क्षेत्र में ईरान के पेशेवर संचालन के अधिकार को मान्यता देता है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वह मध्य पूर्व में अमेरिकी कर्मियों, जहाजों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि वे IRGC की असुरक्षित कार्रवाइयों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इनमें शामिल हैं: अमेरिकी सैन्य जहाजों के ऊपर से उड़ान भरना, बिना साफ इरादे के अमेरिकी संपत्तियों के पास हथियारों के साथ उड़ान करना, अमेरिकी जहाजों की दिशा में तेज़ नावें भेजना या सीधे अमेरिकी सेना पर हथियार तानना।

ईरान पर संभावित हमले की योजना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ईरान पर रविवार को हमला शुरू कर सकता है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने मध्य पूर्व में अपने एक खास सहयोगी देश को इस बारे में जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि अमेरिका आगे बढ़ने का फैसला करता है, तो हमला रविवार को शुरू हो सकता है। एक पूर्व वरिष्ठ इंटेलिजेंस अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी रणनीतिकार ईरान के न्यूक्लियर, बैलिस्टिक और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले की योजना बना रहे हैं।

अधिकारी ने यह भी कहा कि इन हमलों का मकसद केवल न्यूक्लियर या मिसाइल कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचाना नहीं है। इसका उद्देश्य ईरानी सरकार और खासकर IRGC के नेतृत्व और क्षमताओं को भी कमजोर करना है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यदि ईरानी नेतृत्व पर हमला सफल रहा, तो लोग विरोध प्रदर्शनों के लिए सड़कों पर उतरेंगे, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ेगा। अधिकारी ने यह भी बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप को भरोसा दिलाया है कि इजरायल नई सरकार बनाने में मदद कर सकता है। 

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