Hinjewadi-Shivajinagar Metro: ट्रायल तेज, स्टेशन अधूरे होने से पुणे मेट्रो लाइन-3 में देरी

Pune Metro Line-3 का 93% काम पूरा होने के बावजूद कई स्टेशनों और सिग्नलिंग कार्य में देरी से संचालन अटका है। फरवरी में शिवाजीनगर तक ट्रायल की तैयारी, मार्च 2026 में आंशिक शुरुआत की उम्मीद बढ़ी।
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पुणे मेट्रो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Hinjewadi Shivajinagar Metro Trial: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ को मेट्रो से जोड़ने के बाद अब शहरवासियों की निगाहें हिंजवड़ी को जोड़ने वाली पुणे मेट्रो लाइन-3 पर टिकी हैं।

पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA) द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 93 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

अब तक 18 स्टेशनों के बीच मेट्रो का परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है और इस महीने के अंत तक सभी 23 स्टेशनों के रूट पर ट्रायल पूरा करने की योजना है। लेकिन सिग्नलिंग सिस्टम, विद्युत कार्य और 13 प्रमुख स्टेशनों का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है, जिसकी वजह से मेट्रो के व्यवसायिक संचालन में देरी हो रही है।

हिंजवडी आईटी हब के लाखों कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के लिए यह मेट्रो जीवन रेखा साबित होने वाली है। खुद मुख्यमंत्री और पीएमआरडीए के अध्यक्ष देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए थे कि दिसंबर 2025 तक इस परियोजना का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए।

वर्तमान स्थिति यह है कि मेट्रो ठेकेदार को दी गई दूसरी समय सीमा भी मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है। मेट्रो विकसित करने वाली कंपनी ने जमीन अधिग्रहण और अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।

अब जबकि केवल दो महीने का समय शेष बचा है, रिपोर्टों के अनुसार अभी तक एक भी स्टेशन पूरी तरह से तैयार नहीं हो सका है। हाल ही में माण डिपो से लेकर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय चौक तक लगभग 18 स्टेशनों के बीच परीक्षण पूरा किया गया है, लेकिन शिवाजीनगर स्टेशन तक का ट्रायल अभी बाकी है।

फरवरी के इसी महीने में शिवाजीनगर तक परीक्षण करने की तैयारी है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो पुणे का यह तीसरा मेट्रो मार्ग यात्रियों के लिए खुलने के करीब पहुंच जाएगा। लेकिन स्टेशनों का काम पिछड़ने के कारण पीएमआरडीए ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि शुरुआती चरण में कुल कितने स्टेशन जनता के लिए खोले जाएंगे। माण से शिवाजीनगर तक के 23 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का सिविल कार्य, जिसमें स्ट्रक्चर और ट्रैक बिछाने का काम शामिल है, लगभग पूरा हो चुका है। केंद्र सरकार की एक टीम ने पहले ही इसका निरीक्षण कर लिया है।

रेलवे स्टेशनों पर काम तीव्र गति से चल रहा

15 स्टेशनों पर काम जोरों से चल रहा है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है और सिग्नलिंग का काम पूरा होते ही मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी। रिनाज पठान, मुख्य अभियता, पीएमआरडीए

प्रोजेक्ट के तहत मार्च तक शुरू होने की जताई जा रही उम्मीद

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी चुनौती पुणे विश्वविद्यालय चौक पर बन रहा दो मंजिला पुल था, जिसका काम अब पूरा हो चुका है। इ स पुल की सबसे ऊपरी सतह पर मेट्रो चलेगी। इस मार्ग के शुरू होने से न केवल हिंजवडी बल्कि बाणेर, पाषाण, विश्वविद्यालय और औंध जैसे इलाकों में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से आईटी पेशेवरों के लिए यह सफर काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान में 23 में से केवल 8 स्टेशन पूर्णता की ओर है, जबकि 15 स्टेशनों पर काम जोरों से चल रहा है। मार्च तक सभी स्टेशनों का काम पूरा होना मुश्किल लग रहा है, इसलिए प्रशासन पहले चरण में केवल कुछ चुनिंदा स्टेशनों के साथ परिचालन शुरू करने पर विचार कर रहा है।

खामियां जल्द होंगी दूर

हिंजवड़ी से बाणेर और फिर विश्वविद्यालय चौक तक 19 किलोमीटर की दूरी पर मेट्रो दौड़ाकर देखी गई है, जहां कुछ तकनीकी खामियां पाई गई थी। खामियां मिलने के बाद जिन्हें अब सुधारा जा रहा है। अब मेट्रो पूरे 23 किलोमीटर के खंड पर दौड़ने के लिए तकनीकी रूप से तैयार है।

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