
शनि देव (सौ.सोशल मीडिया)
Astrological Remedies For Shani: शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि, इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष से निजात मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष का प्रभाव होता है, तो जीवन में बाधाएं, आर्थिक परेशानियां या मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
ऐसे समय में श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए कुछ उपाय राहत देने वाले माने जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सरसों के तेल से जुड़े कुछ सरल उपाय विशेष रूप से लाभकारी माने गए हैं—
शनिवार की शाम को स्नान के बाद किसी पीपल के पेड़ के पास जाएं। एक मिट्टी के दीये में सरसों का तेल डालकर दीपक जलाएं। दीपक में काला तिल जरूर डालें।
दीपक जलाने के बाद ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें और पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें। इस उपाय को करने से शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में खुशहाली आती है।
शनिवार की सुबह या शाम को शनि मंदिर जाएं। शनि देव की प्रतिमा पर सरसों के तेल से अभिषेक करें। अभिषेक के बाद उन्हें नीले या काले रंग के फूल चढ़ाएं। इस उपाय से शनि देव जल्द खुश होते हैं और भक्तों को उनके कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही जिनकी कुंडली में शनि नीच के हैं या वक्री चल रहे हैं। उनके लिए भी ये उपाय बहुत कारगर है।
एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना प्रतिबिंब देखें और फिर उसे किसी जरूरतमंद को दान कर दें। मान्यता है कि इससे शनि की अशुभ दृष्टि कम होती है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार के दिन सरसों का तेल, लोहा या नमक खरीदना अशुभ माना जाता है। इसलिए अगर आपको तेल का उपयोग करना है, तो उसे शुक्रवार को ही खरीद लें। ऐसा करने से शनि देव की कृपा मिलती है।
ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इन उपायों के साथ-साथ अच्छे कर्म, अनुशासन और ईमानदारी भी अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि शनि देव न्यायप्रिय हैं। केवल उपाय ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और सत्कर्म भी जीवन में स्थायी सुख-शांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






