
बस में लगी आग। इमेज-सोशल मीडिया
Fire In Bus News : आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में शुक्रवार को एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। हैदराबाद से विजयवाड़ा की ओर जा रही निजी यात्री बस में अचानक आग लग गई। मगर, ड्राइवर की सतर्कता और तत्परता से बस में सवार सभी 39 यात्रियों की जान बच गई। यह हादसा कंचिकचेरला पुलिस थाना क्षेत्र के नंदीगामा इलाके में कीसारा टोल प्लाजा के पास घटा। टोल प्लाजा को पार करने के तुरंत बाद बस के इंजन के पिछले हिस्से से धुआं निकलना शुरू हुआ।
अनुभवी ड्राइवर ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। चालक की समझदारी से सभी 39 यात्रियों, ड्राइवर और सफाई कर्मचारी को अपने सामान के साथ सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके कुछ ही मिनटों बाद बस में भीषण आग भड़क उठी और पूरा वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम और पुलिस ने आग पर काबू पा लिया। इससे इलाके में भी हड़कंप मच गया। काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। गांव वालों ने फायर ब्रिगेड टीम की काफी मदद की।
यह कोई पहली घटना नहीं है। देश में चलती बसों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जनवरी 2025 में महाराष्ट्र के सांगली जिले में मुंबई से गोवा जा रही एक लग्जरी बस में आग लग गई थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए थे। दिसंबर 2024 में राजस्थान के सीकर जिले में स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी थी। इस हादसे में 10 यात्रियों की जान गई थी। नवंबर 2024 में कर्नाटक के तुमकुरु में बेंगलुरु से मैंगलोर जा रही एक निजी बस में आग लगने से 8 यात्रियों की मौत हो गई थी।
यह भी पढ़ें : द बर्निंग बस: भारत की बसें क्यों बन रही हैं ‘मौत की सवारी’, 14 दिनों में पांच बड़े हादसे, 72 मौतें
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर मामलों में खराब रखरखाव, इंजन की खराबी, इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। कई बार पुराने वाहनों में समय पर सर्विसिंग न होने से भी आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। परिवहन अधिकारियों को चाहिए कि वे सभी यात्री बसों में अग्निशामक यंत्र अनिवार्य करें और नियमित सुरक्षा जांच सुनिश्चित करें। साथ ही ड्राइवरों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।






