इमारत ढही तो जागी नासिक मनपा, हर पुराने मकान का होगा 'ऑडिट', अन्यथा लगेगा 25,000 रुपए का जुर्माना

Nashik Municipal Corporation: नासिक मनपा प्रशासन जागा और नगर नियोजन विभाग ने शहर में 30 साल से अधिक पुरानी इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
इमारत ढही तो जागी नासिक मनपा
इमारत ढही तो जागी नासिक मनपा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Structural Audit: नासिक में एक पुराने मकान के ढहने से 8 लोगों के घायल होने के बाद, मनपा प्रशासन जागा और नगर नियोजन विभाग ने शहर में 30 साल से अधिक पुरानी इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। ऑडिट न कराने की स्थिति में 25,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। हर साल मानसून के दौरान पुरानी इमारतों के ढहने की घटनाएं होती हैं।

हाल ही में, खड़काली इलाके में एक दो मंजिला पक्का मकान ढह गया, जिसमें आठ लोग घायल हो गए, इस घटना के बाद, शहर में जर्जर इमारतों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इसे देखते हुए मनपा ने संरचनात्मक ऑडिट के नियम को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।

रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई

मनपा के पास संरचनात्मक ऑडिट करने का कोई स्वतंत्र तंत्र नहीं है, इसलिए, भवन मालिकों और निवासियों को कर्मवीर बाबूराव ठाकरे इंजीनियरिंग कॉलेज, सिविल टेक और संदीप पॉलिटेक्निक जैसी संस्थाओं से ऑडिट कराने की अनुमति दी गई है। भवन मालिकों को ऑडिट रिपोर्ट मनपा को सौंपनी होगी, और रिपोर्ट में सुझाए गए सुधारों को पूरा करना होगा। यदि कोई भवन अत्यधिक खतरनाक पाया जाता है, तो उसे खाली करना अनिवार्य होगा।

जर्जर इमारतों को खाली कराना जरूरी

ऑडिट पूरा होने के बाद, उन्हें विस्तृत रिपोर्ट मनपा के संभागीय कार्यालय में जमा करेनी होगी। इस रिपोर्ट में यदि किसी भवन में सुधार की आवश्यकता बताई गई है, तो मालिक को निर्धारित समय-सीमा में उन सुधारों को पूरा करना होगा। यदि रिपोर्ट में किसी भवन को 'अत्यधिक खतरनाक घोषित किया जाता है, ती उसे तत्काल खाली करना और गिराना अनिवार्य होगा, ऐसा न करने पर मनपा सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी, यह नियम नासिक को हादसों से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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भवन मालिकों की जिम्मेदारी

चूंकि मनपा के पास संरचनात्मक ऑडिट करने के लिए कोई स्वतंत्र तंत्र नहीं है, इसलिए भवन मालिकों और निवासियों को ही यह ऑडिट कराना होगा, मनपा ने इसके लिए कुछ अधिकृत संस्थानों को अनुमति दी है, जिनमें कर्मवीर बाबूराव ठाकरे इंजीनियरिंग कॉलेज, सिविल टेक और संदीप पॉलिटेक्निक शामिल है। भवन मालिकों को इन संस्थाओं से संपर्क करके ऑडिट रिपोर्ट तैयार करवानी होगी.

भवन की मरम्मत आवश्यक

मनपा के कार्यकारी अभियंता सचिन जाधव ने कहा कि 30 वर्ष से अधिक पुराने सभी भवनों का संरचनात्मक ऑडिट करवाना और मनपा को रिपोर्ट देना अनिवार्य है, भवन को रहने योग्य बनाने के लिए मरम्मत आवश्यक है, या अत्यधिक खतरनाक होने पर उसे खाली करना जरूरी है। "

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