शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर UP में सियासी घमासान: विपक्ष ने साधा निशाना, युवाओं के संघर्ष को बताया ऐतिहासिक

UP Pradesh Politics: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर यूपी में सियासत गरमा गई है। सपा और आजाद समाज पार्टी ने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत बताया, जबकि सीएम योगी के बयान पर भी सवाल उठाए गए।
Political turmoil in UP over Education Minister's resignation: Opposition targets, calls youth's struggle historic
धर्मेंद्र प्रधान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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UP Opposition Attack On Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए केंद्र सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि छात्र आंदोलन और जनदबाव के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा, जबकि अन्य विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही की मांग उठाई। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘नकल माफिया को मिट्टी में मिला देंगे’ वाले बयान को लेकर भी विपक्ष ने सवाल खड़े किए।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की भाषा पर आपत्ति जताई, जबकि सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इसे छात्रों के आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया। आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर ने सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफे को केवल औपचारिकता करार दिया। भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने भी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह घटनाक्रम साबित करता है कि लोकतंत्र में जनता के सवालों के आगे सरकार को जवाब देना पड़ता है।

योगी के बयान पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने सीएम योगी के बयान 'नकल माफिया को मिट्टी में मिला देंगे' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं, इसलिए ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार मंचों से यह कहते हैं कि वह किसी को 'धूल में मिला देंगे' या 'खत्म कर देंगे'। उन्होंने उठाया कि क्या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उचित है।

छात्र आंदोलन की जीत का दावा

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताते हुए कहा, "पार्टी में उत्साह का माहौल है। समाजवादी पार्टी शुरुआत से ही युवाओं और छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती रही है। पिछले करीब 35 दिनों से चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के कारण शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा और इसे छात्र आंदोलन तथा जन आंदोलन की जीत बताया।"

चंद्रशेखर ने आंदोलन का ऐलान

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर ने भी सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की। तो वहीं राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यह इस्तीफा केवल एक औपचारिकता है।"

नेहा सिंह राठौर की प्रतिक्रिया

भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी, खासकर जेन जी को बधाई देते हुए कहा कि इस घटनाक्रम से साबित होता है कि सरकार से सवाल किए जा सकते हैं। कोई भी सरकार अजेय नहीं होती और जनता के सवालों का जवाब देना जरूरी है।

देश के नागरिक जागरूक हो रहें है- नेहा सिंह

नेहा सिंह राठौर ने कहा कि देश के नागरिक अब जागरूक हो रहे हैं और अपनी बात रखने लगे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि यदि किसी मुद्दे को लेकर लोगों के मन में सवाल या शंका है तो सामने आकर उसका समाधान किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा सिंह राठौर ने भी सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, "यदि मंच से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाती है तो उसे जमीन पर भी लागू किया जाना चाहिए।" उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

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