पिक्चर अभी बाकी है… फिर यहीं लौटेंगे, नए शिक्षा मंत्री को कॉकरोचों ने दी चेतावनी, बताया आगे का प्लान

CJP Protest: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त कर दिया। संगठन ने अब देशभर में युवाओं से संवाद, जनसंपर्क अभियान और उनके मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का ऐलान।
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CJP का जश्न (Image- Social Media)
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Cockroach Janata Party Next Step: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने अगले चरण की रणनीति का ऐलान कर दिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि मौजूदा आंदोलन केवल शुरुआत थी और अब संगठन देशभर में युवाओं से जुड़कर उनके मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा।

'देशभर में जाएंगे, युवाओं की आवाज सुनेंगे'

सौरव दास ने कहा, "यह तो सिर्फ ट्रेलर है, असली फिल्म अभी बाकी है। देश का युवा अब जाग चुका है और वही देश की समस्याओं का समाधान करेगा। एक आंदोलन और एक संगठन के रूप में हमारी यात्रा यहीं खत्म नहीं होने वाली।"

उन्होंने बताया कि CJP अब विभिन्न राज्यों में जाकर युवाओं से सीधा संवाद करेगी, उनकी समस्याओं को सुनेगी और उन्हीं के आधार पर नीतिगत सुझाव तैयार करेगी। साथ ही सरकार और व्यवस्था से जवाबदेही की मांग भी जारी रहेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर अभियान की तैयारी

मुख्य प्रवक्ता के मुताबिक, CJP अब केवल NEET या परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगी। संगठन युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की योजना बना रहा है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों में जनसंपर्क अभियान, संवाद कार्यक्रम और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

सरकार से तीन दौर की बातचीत के बाद खत्म हुआ आंदोलन

इससे पहले शनिवार को सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई। बैठक के बाद संगठन ने जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी।

राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर एवं कानूनी मामलों की वापसी। NEET विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।

सरकार ने क्या भरोसा दिया?

CJP के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ उनकी पहली मांग पूरी हो गई है। वहीं सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने का आश्वासन दिया है। सौरव दास ने कहा कि सरकार ने संगठन को भरोसा दिया है कि दिल्ली समेत भाजपा शासित और सहयोगी राज्यों में दर्ज एफआईआर का ब्यौरा साझा किया जाएगा। उनके अनुसार, दिल्ली में लगभग 15–20 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी है और सरकार ने इनकी प्रतियां तीन से चार दिनों के भीतर उपलब्ध कराने तथा मामलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।

'अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं'

सौरव दास ने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी अच्छी नीयत से अपना आंदोलन वापस ले रही है। हमें उम्मीद है कि सरकार तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू करेगी। यदि ऐसा होता है तो यह युवाओं और लोकतांत्रिक संवाद दोनों के लिए सकारात्मक कदम होगा।" हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किए गए आश्वासन समय पर पूरे नहीं हुए, तो संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

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