IPCBSSD-2026: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, 470 प्रतिनिधियों की सहभागिता, 300 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत

IPCBSSD 2026 Conference: बल्लारपुर के गुरुनानक कॉलेज ऑफ साइंस में आयोजित IPCBSSD-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 470 प्रतिनिधियों की सहभागिता रही और 300 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किया।
Ballarpur international conference
urunanak College of Science (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Ballarpur International Conference: गुरुनानक कॉलेज ऑफ साइंस, बल्लारपुर में आयोजित “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इनोवेशन्स इन फिजिकल, केमिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IPCBSSD-2026)” का दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन उत्साह और सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से कुल 470 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 300 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।

सम्मेलन का उद्घाटन 2 फरवरी को ऑनलाइन माध्यम से गुरुनानक सेवा समिति, विरूर के सरदार नगिंदर सिंह सोनी के हाथों किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रामदास आत्राम, कुलगुरु, डॉ. बाबासाहब रामजी आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में शोध और सतत विकास के लिए अंतःविषय विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला।

रंगारंग शुभारंभ

सम्मेलन संयोजक डॉ. ज्योत्स्ना खोब्रागडे ने सतत विकास के लिए वैज्ञानिक नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रा. डब्ल्यू. बी. गुरनुले को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक और शोध कार्यों के लिए जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्मारिका का विमोचन भी मान्यवरों के हाथों किया गया। उद्घाटन सत्र का आभार प्रदर्शन डॉ. वाय. जी. बोडखे ने किया, जबकि संचालन डॉ. बी. गावते और प्रो. ए. दुर्गे ने किया।

तकनीकी सत्र

तकनीकी सत्र-1 की अध्यक्षता डॉ. आर. जी. वेगीनवार और प्रो. पी. एम. तेलखाडे ने की, जबकि रिपोर्टर के रूप में डॉ. दिनेश देशमुख ने कार्य संभाला। इस सत्र में प्रा. डब्ल्यू. बी. गुरनुले ने “हरित दृष्टिकोण” विषय पर बीज भाषण दिया, वहीं डॉ. हेमंत बोरकर (आईआईटी इंदौर) ने विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्र-2 की अध्यक्षता डॉ. अर्पणा बी. धोटे और डॉ. निलेश गांधारे ने की। रिपोर्टर के रूप में डॉ. मनीषा जीवतोडे ने कार्य किया। इस सत्र में पुर्तगाल की डॉ. सोनिया ए. सी. काराबिनेरो और डॉ. जॉयदीप भट्टाचार्य ने मार्गदर्शन दिया।

संचालन डॉ. निलेश जाधव ने संभाला

तकनीकी सत्र-3 में डॉ. संजय रामटेके और डॉ. प्रवीण एस. जोगी की अध्यक्षता में ऑफलाइन ओरल प्रेजेंटेशन आयोजित किए गए, जिसमें प्रो. गौरव घुगरे ने रिपोर्टर की भूमिका निभाई। दूसरे दिन भी विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-4 की अध्यक्षता डॉ. टी. डी. कोसे और डॉ. एस. शाह ने की। इस सत्र में चीन के डॉ. संतोष कुमार वर्मा और मॉरिशस के डॉ. पोन्नादुराई रामासामी ने उन्नत विज्ञान और शोध विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इस सत्र के रिपोर्टर डॉ. प्रमोद खिराडे रहे। तकनीकी सत्र-5 और 6 में ऑनलाइन ओरल तथा पोस्टर प्रेजेंटेशन आयोजित किए गए। इन सत्रों की अध्यक्षता डॉ. संतोष देवसरकर और डॉ. एस. पी. राठोड ने की, जबकि तकनीकी संचालन डॉ. निलेश जाधव ने संभाला।

समापन समारोह

दोपहर 3 बजे सम्मेलन का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एस. बी. कोंडावार उपस्थित रहे। दूसरे दिन के सत्रों का अध्यक्षीय संबोधन प्राचार्य प्रो. डॉ. भास्कर बहिरवार ने दिया। समारोह का संचालन डॉ. मनीषा जीवतोडे और प्रो. प्रदीप मांडवकर ने किया।

सम्मेलन का आभार प्रदर्शन डॉ. जे. वी. खोब्रागडे ने किया। उन्होंने सभी मान्यवरों, शोधकर्ताओं, प्रतिनिधियों, आयोजक समिति और विद्यार्थियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अंत में यह मत व्यक्त किया गया कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शोध, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ और सहभागी शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी रहा।

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