
सांकेतिक तस्वीर (AI जनरेटेड एंड मोडिफाइड)
Airline Audit Report: अहमदाबाद प्लेन क्रैश और बारामती विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद हवाई सफर खौफनाक माना जाने लगा है। इस बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो इस खौफ को और 10 गुना कर देगी। भारत के एविएशन रेगुलेटर की ऑडिट में आधे विमानों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। सबसे बुरा हाल एयर इंडिया का है, जिसके जांचे गए हर चार में से तीन विमानों में बार-बार दिक्कत देखी गई है।
इंडिगो का हाल भी ज्यादा बेहतर नहीं है और इसके हर तीसरे विमान में कुछ न कुछ दिक्कतें देखने को मिली हैं। यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने खुद लोकसभा में दी है। हालांकि, इन समस्याओं में विमानों की सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों के अलावा सामान्य समस्याएं भी शामिल हैं। इसके इतर 50% विमानों में दिक्कतें हैं तो यह सोचने की बात तो जरूर है।
लोकसभा को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार एविएशन रेगुलेटर ने जिन 754 विमानों का ऑडिट किया है, उनमें से 377 में बार-बार गड़बड़ी देखने को मिली। रेगुलेटर ने यह जांच जनवरी 2025 से लेकर 3 फरवरी, 2026 के बीच की है। हालांकि, मंत्रालय को सिर्फ इस बात की राहत है कि पहले के वर्षों की तुलना में इन गड़बड़ियों में कमी देखने को मिली है।
हालांकि, उड्डयन उद्योग में जो गड़बड़ियां लिस्ट की जाती हैं, वह सिर्फ विमान की सुरक्षा से ही संबंधित नहीं होतीं। इनमें कमियों की बड़ी लिस्ट यात्री केबिन से भी जुड़ी होती हैं। इनमें सीटों का टूटा-फूटा होना या फिर फ्लाइट स्क्रीन का काम नहीं करना या खिड़कियों से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं।
एयरलाइन ऑडिट इन्फोग्राफिक (एआई जनरेटेड)
सरकार ने जो डेटा शेयर किया है उसके अनुसार, पिछले तीन वर्षों में तकनीकी दिक्कतों में कमी दर्ज की गई है। 2023 में यह संख्या 448 थी, जबकि 2025 में मात्र 353 तकनीकी खामियां पाई गई हैं। हालांकि यह आंकड़ा भी अपने आप में लापरवाही की गवाही देने के लिए काफी है।
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सरकार ने संसद को बताया है कि रेगुलेटर ने 2025 में कुल 3,890 विमानों का सर्विलांस इंस्पेक्शन किया, 56 रेगुलेटरी ऑडिट किए, 492 रैंप चेक किए गए और 84 इंस्पेक्शन विदेशी विमानों के भी हुए। सरकार ने बताया कि सभी शेड्यूल एयरलाइंस में से कुल 754 विमानों में से 377 विमानों की पहचान की गई, जिसमें बार-बार समस्या थी।






