
Gondia labour protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Labour Protest: ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आयटक) सहित दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों, स्वतंत्र, क्षेत्रीय व राष्ट्रीय फेडरेशनों और एसोसिएशनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके तहत जिले में आयटक से जुड़े श्रमिक संगठन एक दिन की कामबंद हड़ताल करेंगे। नेहरू चौक से मोर्चा निकालकर एसडीओ कार्यालय के सामने सभा आयोजित की जाएगी और जिलाधिकारी व जिला परिषद के सीईओ को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बताया गया है कि श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित करने वाले चार श्रम कोड (कानून) को तत्काल रद्द करने, मनरेगा का नाम यथावत रखने, बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को तुरंत बंद करने, गैर-अंशदायी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा ईपीएस-95 के तहत मूल्य सूचकांक से जोड़कर प्रति माह 9 हजार रुपये पेंशन देने की मांग की गई है।
इसके अलावा, जो लोग इस योजना में शामिल नहीं हैं, उन्हें सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन देने और 30 करोड़ से अधिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व श्रम अधिकार लागू करने की भी मांग उठाई गई है। आंगनवाड़ी व बालवाड़ी कर्मियों को मासिक पेंशन और ग्रेच्युटी के साथ कर्मचारी का दर्जा देने, ग्राम पंचायत कर्मियों को पेंशन तथा यावलकर समिति की सिफारिशों के अनुसार वेतनश्रेणी लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है।
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आशा कार्यकर्ताओं को 24 हजार रुपये और गटप्रवर्तकों को 35 हजार रुपये मासिक वेतन व कर्मचारी दर्जा देने, शालेय पोषण आहार कर्मचारियों को 24 हजार रुपये मासिक वेतन देने, मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी और प्रति वर्ष 200 दिन काम देने, घरेलू कामगारों को सामाजिक सुरक्षा व पेंशन देने, किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कर लागत मूल्य से डेढ़ गुना दाम सुनिश्चित करने तथा किसानों की कर्जमाफी जैसी मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में जिले की आंगनवाड़ी, आशा, ग्राम पंचायत, शालेय पोषण आहार यूनियन, बिजली कर्मचारी, खेत मजदूर सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारी शामिल होंगे।






