विकसित भारत 2047 में मटेरियल साइंस का योगदान, मराठवाड़ा विवि में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

Sustainable Development Goals: मटेरियल साइंस में AI आधारित नवाचार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होंगे। डॉ. अशोक महाजन ने अंतरराष्ट्रीय परिषद में यह बात कही।
The contribution of material science to Developed India 2047: A three-day international conference at Marathwada University.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Marathwada University SDG 2030: छत्रपति संभाजीनगर स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के प्र-कुलपति डॉ. अशोक महाजन ने कहा कि मटेरियल साइंस क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता संग कई नवाचार हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से घोषित सतत विकास लक्ष्य वर्ष 2030 तक पूरे किए जाने हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति में मटेरियल साइंस क्षेत्र का योगदान अहम रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में भी मटेरियल साइंस की भूमिका निर्णायक होगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के पदार्थ विज्ञान विभाग की ओर से 'Inno-vation in Materials Science for Sustainable Future' विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय तीन दिवसीय परिषद का समापन हुआ जिसका आयोजन विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक व विज्ञान व प्रौद्योगिकी विद्याशाखा के अधिष्ठाता डॉ. महेंद्र सिरसाठ के गौरव में किया गया।

नाट्यगृह में उद्‌द्घाटन कुलपत्ति डॉ. विजय फुलारी की अध्यक्षता में में हुआ। समापन समारोह प्र- कुलपति डॉ. वाल्मीक सरवदे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मंच पर डॉ. फोरन सिंह, प्रा एनएल सिंह (नई दिल्ली), कुलसचिव डॉ. प्रशांत अमृतकर, परिषद अध्यक्ष डॉ। प्रवीणा उगिले, डॉ एमडी सिरसाठ, कन्वीनर डॉ.बीएन डोले, सचिव डॉ.प्रभाकर उंदरे उपस्थित थे।

परिषद में देश विदेश से कुल 464 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। डॉ. महाजन ने कहा कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दुनिया के 190 देश प्रयासरत हैं।

उन्होंने डॉ. महेंद्र सिरसाठ के शोध कार्यों की प्रशंसा करते हुए युवा शोधकर्ताओं से उनके कार्यों से प्रेरणा लेने की अपील भी की। संचालन प्रा एसएस हुसैनी व डॉ. रूपाली कुलकर्णी ने किया। अतिथियों का परिचय डॉ. माधव रोडे ने कराया व डॉ. प्रभाकर उंदरे ने आभार माना।

विशेष सत्रों में 17 विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

कुलपति डॉ. विजय फुलारी के मार्गदर्शन में आयोजित परिषद में 5 सत्रों में 24 व पैरलल सत्रों में 17 विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया, इनमें जापान, ताइवान, स्लोवाकिया, दक्षिण कोरिया, पोलैंड, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, चीन, ग्रीस, मिस सहित विभिन्न देशों के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों की सहभागिता रही। तीन दिनों में 5 प्लेनरी सत्र व 4 पैरलल सत्र आयोजित किए गए।

पोस्टर प्रेजेंटेशन स्पर्धा में लिया भाग

अंतरराष्ट्रीय परिषद में आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में 313 शोधार्थियों व शिक्षकों ने भाग लिया। इनमें से 241 पोस्टर प्रेजेंटेशन व 72 ओरल (पीपीटी) प्रेजेंटेशन पेश किए गए। सोलर बैटरी, सोलर सेल, सेंसर, पॉलिमर, कार्बन नैनोट्यूब, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि विषयों पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। दोनों वर्गों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

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