Bhandara News: मनरेगा के तहत 19 हजार मजदूर कार्यरत, लाखनी में 51 ग्राम पंचायतों में 122 कार्य शुरू

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत लाखनी तहसील में बड़े पैमाने पर मजदूरप्रधान कार्यों की शुरुआत की गई है। 18 मई तक तहसील की 51 ग्राम पंचायतों में कुल 122 कार्य शुरू किए गए हैं।
मनरेगा के तहत 19 हजार मजदूर कार्यरत
मनरेगा के तहत 19 हजार मजदूर कार्यरत। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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भंडारा: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत लाखनी तहसील में बड़े पैमाने पर मजदूरप्रधान कार्यों की शुरुआत की गई है। 18 मई तक तहसील की 51 ग्राम पंचायतों में कुल 122 कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें 19,227 मजदूर कार्यरत हैं। यह जानकारी पंचायत समिति लाखनी के मनरेगा सहायक कार्यक्रम अधिकारी राहुल गिरिपुंजे ने दी। मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के गरीब व गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को वर्ष में कम से कम 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना है।

महाराष्ट्र में यह योजना "महाराष्ट्र ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना" के नाम से लागू की जाती है। इसमें 60% कार्य अकुशल (मजदूरप्रधान) और 40% कार्य कुशल (निर्माण कार्य) होते हैं। इन कार्यों की योजना, नियंत्रण और निगरानी ग्राम पंचायतों के माध्यम से की जाती है। लाखनी तहसील में एक नगर पंचायत और 71 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 104 गांव शामिल हैं। इनमें से 94 गांव सामान्य बसाहट वाले तथा 10 गांव पुनर्वसित (रीठी) हैं।

कई गांवों में कार्य प्रारंभ

कुल जनसंख्या 1,28,545, कुल परिवार 25,499, कुल मजदूर 49,531, और गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की संख्या 17,140 है। तहसील में नेरला उपसा सिंचन परियोजना को छोड़कर कोई भी बड़ा, मध्यम या लघु सिंचन प्रकल्प नहीं होने के कारण अक्सर सूखा जैसी परिस्थिति बनी रहती है। इस कारण किसानों और मजदूरों को काम न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए पंचायत समिति प्रशासन द्वारा 50% मजदूरप्रधान (अकुशल) कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए, जिससे कई गांवों में कार्य प्रारंभ किए गए हैं।

इन मजदूरप्रधान कार्यों को शुरू करने में गट विकास अधिकारी संदीप पानतावणे, विस्तार अधिकारी (पंचायत) खिलेंद्र टेभरे, प्रदीप लांजेवार, सहायक कार्यक्रम अधिकारी राहुल गिरिपुंजे, कार्यक्रम व्यवस्थापक महेंद्र साखरे, तकनीकी सहायक महेश बर्वे, यशवंत शेंडे, विनाश वालोदे, गिरिधर मेश्राम, आनंद वाघाये, अमरदीप शेंडे, राकेश दाते, सुधाकर कांबले, कुंदन लिमजे, किरण बावनकुले, रजनी नांदगावे आदि ने मेहनत की है। साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर हितेश झलके, रामेंद्र लाडे, गणेश (बालू) टीचकुले, अस्मिता कावले, रोजगार सहायक, सरपंच व ग्राम पंचायत कमेटी के सहयोग से लाखनी तहसील में बड़े पैमाने पर काम चल रहे हैं।

मामा तालाब गहरीकरण के कार्य

खैरी, दीघोरी, डोंगरगांव (सा.), डोंगरगांव (न्या.), घोडझरी, गुरढा, मांगली, मासलमेटा, पलसगांव, परसोडी, रामपुरी, रेंगोला, सिपेवाडा, झरप आदि गांव, साथ ही गाद निकासी के कार्य धाबेटेकडी, धानला, गराडा, जेवनाला, निलागोंदी, चांन्ना, सामेवाडा, कणेरी, कवलेवाडा, कन्हालगांव, लाखोरी, मोगरा, सालेभाटा, परसोडी, राजेगांव, सेलोटी आदि गांव, नाला सुधार– देवरी, गडेगाव, गोंडसावरी, कवलेवाडा, खेडेपार, मर्हेगाव, सालेभाटा आदि गांव, पगडंडी सड़क निर्माण देवरी ग्राम पंचायत में शुरू है। इन सभी कार्यों में वर्तमान में कुल 19,227 मजदूर कार्यरत हैं और कार्य सुचारु रूप से प्रगति पर हैं।

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