'80 हजार पाता हूं, दारू पीकर पढ़ाता हूं,' MP के गुरुजी का वीडियो वायरल; शिक्षा विभाग में हड़कंप

MP Viral Video: मंडला के एक सरकारी स्कूल में गुरुजी शराब पीकर पढ़ाने लगे। उन्होंने दावा किया कि 80,000 सैलरी है और बिना पिए उनका दिमाग गणित के लिए काम नहीं करता। अब मामला खुलने से हड़कंप मच गया है।
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MP के गुरुजी का वीडियो वायरल, फोटो- सोशल मीडिया
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Madhya Pradesh Teacher Viral Video: मध्य प्रदेश के मंडला जिले के अहमदपुर ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूल में एक शिक्षक महेश कुमार शराब के नशे में क्लास लेते दिखे। उन्होंने कबूल किया कि वह ₹80,000 लेते हैं और बिना शराब पिए गणित नहीं पढ़ा पाते।

यह चौंकाने वाला वीडियो मंडला के अहमदपुर ग्राम पंचायत के गवारी टोला में मौजूद एक सरकारी स्कूल का है। गुरुजी का नाम महेश कुमार है। वीडियो में शिक्षक बच्चों के बीच शराब के नशे में बैठे हैं और दावा कर रहे हैं कि वह गणित पढ़ाते समय शराब पीते हैं, क्योंकि बिना पिए उनका दिमाग 'गोल' हो जाता है। उन्होंने अपनी सैलरी बताते हुए कहा, "जब 80 हजार लेता हूं… (तो) 2 बोतल दारू पीकर आता हूं।" वह बहस करते हुए पूछते हैं कि क्या शराब पीकर पढ़ाने के लिए मना किया गया है।

क्लास में गाना और शेरो-शायरी

गुरुजी बच्चों को सिर्फ पढ़ा ही नहीं रहे थे, बल्कि क्लास में गाने और शेरो-शायरी भी कर रहे थे। वह बच्चों से फिल्मी गाना, "तुम तो ठहरे परदेसी" गवाते हुए नजर आते हैं। छोटे बच्चे गुरुजी की शायरी पर हंसते और खिलखिलाते हुए भी दिखे। उनसे जब यह पूछा गया कि वह बच्चों को शराब पीना क्यों सिखा रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह सिखा रहे हैं, और दारू पीने से वह खराब कैसे हो जाएंगे।

शिक्षा विभाग में हड़कंप, कार्रवाई की तैयारी

स्थानीय लोगों की मानें तो गुरुजी ने ऐसा पहली बार नहीं किया है; वह पिछले काफी दिनों से ऐसा करते हैं और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को भी इसकी शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। इस मामले में स्कूल प्रशासन और संबंधित विभाग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए, ताकि बच्चों के भविष्य को नुकसान से बचाया जा सके और शिक्षा के पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। हाल ही में इसी स्कूल को लेकर यह भी सामने आया था कि करीब 19 बच्चे कृषि विभाग के गोदाम में पढ़ने को मजबूर हैं, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में स्कूल को पूरी तरह संचालित दर्शाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें यह वीडियो कलेक्टर साहब के माध्यम से प्राप्त हुआ है। अधिकारी मामले की जांच करा रहे हैं और कहा है कि अगर शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करके की जाएगी। इस घटना ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की हालत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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