
बलूचिस्तान में इजरायल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Mossad in Balochistan: पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार और जियो न्यूज के एंकर हामिद मीर ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद अब बलूचिस्तान का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने की योजना बना रही है।
मीर ने अपने शो ‘कैपिटल टॉक’ में कुछ ऐसे दस्तावेजी सबूत और मीडिया रिपोर्ट्स पेश कीं जो इस ओर इशारा करती हैं कि बलूचिस्तान में अस्थिरता पैदा कर असल में ईरान को कमजोर करने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है।
हामिद मीर ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए इजरायली अखबार ‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ में प्रकाशित एक लेख का जिक्र किया। इस लेख में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि बलूचिस्तान का वह क्षेत्र जो ईरान की सीमा से सटा हुआ है ईरान को अस्थिर करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदु हो सकता है।
इसके अलावा, उन्होंने कतर के प्रतिष्ठित चैनल अल जजीरा की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि इजरायल-बलूचिस्तान की मौजूदा संवेदनशील स्थिति को ‘हाईजैक’ करना चाहता है ताकि वह अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी ईरान को सीधे चोट पहुंचा सके।
हामिद मीर ने कार्यक्रम में एक और सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि बलूचिस्तान के एक प्रमुख राजनेता ने निजी तौर पर उन्हें जानकारी दी है कि उनका भाई पिछले कुछ वर्षों में तीन बार इजरायल का दौरा कर चुका है।
मीर के अनुसार, सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उस व्यक्ति के पासपोर्ट पर इजरायल यात्रा की कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी थी जो खुफिया ऑपरेशनों की ओर संकेत करता है। वह व्यक्ति एक ऐसे राजनीतिक दल से जुड़ा है जो खुद को बलूच अधिकारों का सबसे बड़ा पैरोकार होने का दावा करता है लेकिन फिलहाल वह एक पश्चिमी देश में रह रहा है।
इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान पैनल में शामिल अन्य विशेषज्ञों ने भी मीर के दावों का समर्थन किया। PML-N की नेता जरीन मगसी ने कहा कि बलूचिस्तान में पनप रहे आतंकवाद के पीछे स्पष्ट रूप से विदेशी हाथ है। उन्होंने जानकारी दी कि सुरक्षा बलों की हालिया कार्रवाइयों में अब तक लगभग 200 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।
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वहीं, बलूचिस्तान अवामी पार्टी (BAP) के वरिष्ठ नेता कहदा बाबर ने कहा कि बलूचिस्तान की रणनीतिक अहमियत ही उसे इन अंतरराष्ट्रीय साजिशों का केंद्र बनाती है। उन्होंने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वे BLA जैसे समूहों को कागजों पर तो आतंकवादी मानते हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं करते।






