

Arvind Sawant Demanded Compensation For Pinky Mali.: बारामती एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए दर्दनाक विमान हादसे की गूंज अब देश की संसद में सुनाई दे रही है। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद अरविंद सावंत ने इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) का औपचारिक नोटिस दिया है। इस हादसे ने विमानन सुरक्षा और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीते 28 जनवरी, 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर एक दुखद विमान हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में युवा फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। पिंकी माली अपने कर्तव्यों का पालन कर रही थीं, जब यह अनहोनी घटी। इस घटना के बाद से ही विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और ग्राउंड ऑपरेशंस को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
अरविंद सावंत ने न केवल संसद में इस मुद्दे को उठाया है, बल्कि नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को एक विस्तृत पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में सावंत ने इस घटना को "सेवा के दौरान हुई मृत्यु" (Death on Duty) के रूप में वर्गीकृत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह महज एक हादसा नहीं है, बल्कि एक होनहार कर्मचारी का नुकसान है जो अपनी सेवा दे रही थी। सांसद सावंत ने सरकार से मांग की है कि पिंकी माली के परिवार को बिना किसी देरी के उचित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), बीमा और अन्य सभी सरकारी लाभों का भुगतान समयबद्ध तरीके से हो। हादसे की उच्च स्तरीय जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे तकनीकी या मानवीय चूक को रोका जा सके।
अरविंद सावंत ने पत्र में लिखा कि 'मैं 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए दुखद हवाई दुर्घटना के बारे में अपनी गहरी चिंता दर्ज कराना चाहता हूं, जिसमें ऑफिशियल ड्यूटी पर मौजूद फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की जान चली गई। इस घटना ने न केवल एविएशन सेफ्टी बल्कि मृतक क्रू मेंबर्स के परिवारों को घटना के बाद संस्थागत प्रतिक्रिया की पर्याप्तता और समय पर मिलने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पिंकी माली एक प्रशिक्षित एविएशन प्रोफेशनल थीं और दुर्घटना के समय अपनी सौंपी गई ड्यूटी कर रही थीं। उनकी मृत्यु सेवा से संबंधित मौत है। इसलिए, यह मंत्रालय और संबंधित ऑपरेटर की जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके परिवार को बिना किसी देरी या प्रशासनिक अस्पष्टता के, सभी कानूनी, संविदात्मक और बीमा से जुड़े लाभों के साथ, तुरंत, पारदर्शी और पर्याप्त मुआवजा मिले।'
सांसद ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ध्यान इस ओर भी खींचा कि छोटे एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक सुरक्षा की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसों को रोकना मुश्किल होगा।
इस स्थगन प्रस्ताव के बाद अब सबकी नजरें केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्री के जवाब पर टिकी हैं। क्या सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को त्वरित राहत पहुंचाएगी? फिलहाल, अरविंद सावंत के इस कदम ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में पिंकी माली के लिए 'न्याय की मांग' को एक बड़ी मुहिम बना दिया है।