नेहरू पर आपत्तिजनक बयान, गद्दारी, मक्कारी और अय्याशी...भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने और क्या कह दिया?

Nishikant Dubey News : गोड्‌डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत जवाहर लाल नेहरू पर आपत्तिजनक बयानबाजी की है। उनकी टिप्पणी पर संसद में आज भारी हंगामा मच गया।
Objectionable statement on Nehru, treachery, deceit and debauchery...what else did BJP MP Nishikant Dubey say?
संसद में अपनी बात रखते सांसद निशिकांत दुबे। इमेज-सोशल मीडिया
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Nishikant Dubey On Nehru : भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आज लोकसभा में बजट सत्र के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने किताबों का हवाला दिया। वैसे, इस पर विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई है। भारी हंगामे के बाद दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पंडित जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने यह बात पूर्व नौकरशाह और अन्य की किताबों का जिक्र करते हुए कही।

पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने निशिकांत दुबे से किसी भी किताब को दिखाने का अनुरोध नहीं किया। उन्होंने किताब और पत्र के उल्लेख नहीं करने से जुड़े नियमों का भी हवाला दिया। मगर, निशिकांत दुबे नहीं रुके। उन्होंने किताब के लेखकों और उसमें लिखी पंक्तियों का तक का जिक्र किया।

विपक्षी सांसदों ने जताई आपत्ति

विपक्षी सांसदों ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर आपत्ति जताई। कुछ सांसदों ने कागज भी उछाले। भारी हंगामे के बाद पीठासीन सभापति ने सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित की। निशिकांत से पहले विपक्ष के 8 सांसदों के निलंबन पर भी भारी हंगामा के कारण सदन पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में दोपहर दो बजे तक स्थगित किया गया। निशिकांत दुबे के बयान पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चैंबर में भी भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस नेताओं ने यहां भी आपत्ति दर्ज कराई।

निशिकांत ने क्या बयान दिया?

निशिकांत दुबे ने कहा कि सभापति महोदय यहां पर किताब पर चर्चा चल रही। वो किताब जो अब तक छपी नहीं है। मैं आपके माध्यम से सदन को उन किताबों के बारे में बताना चाहता हूं, जो नेहरू-गांधी परिवार की गद्दारी, मक्कारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी से भरी पड़ी हैं। ये सब किताबें छपी हुईं हैं। दुबे ने कहा कि पहली किताब Edvina And Nehru है। भारत जब स्वतंत्र हुआ, तब किस तरह से पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, किस तरह से भारत के पहले प्रधानमंत्री अय्याशी कर रहे थे। इस किताब में उसका जिक्र है। मैं उसको कोट करना चाहता हूं। निशिकांत ने सदन में कई और किताबों का जिक्र किया। वह किताबों के साथ सदन पहुंचे थे।

हंगामा कराने के लिए निशिकांत को आगे लाती है सरकार

निशिकांत दुबे के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा है कि निशिकांत जी को तभी आगे लाया जाता है, जब सरकार हंगामा करना चाहती है। सरकार एक सदस्य को प्रकाशित किताब से कोट करने नहीं दे रही, लेकिन वह (सांसद निशिकांत दुबे) सदन में 6 किताबें लाते हैं। उनसे कोट करते हैं। यह सरकार दिखाना चाहती है कि संसद में केवल उनका तरीका चलेगा। यह स्पीकर और संसद का अपमान है।

ध्यान भटकाने को नेहरू का जिक्र

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष का नेता सिर्फ एक व्यक्ति नहीं है, वह पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे (सरकार) जनता का ध्यान भटकाने के लिए नेहरू का जिक्र कर रहे हैं, क्योंकि जनरल साहब ने देश की लीडरशिप के बारे में कुछ कहा था। क्या इंदिरा गांधी कभी फैसला लेने से पीछे हटीं? कभी नहीं। इस तरह से देश नहीं चलाया जाता।

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