मोदी को मणिपुर जाने में...वास्को डी गामा तो 11 महीनों में ही पहुंच गया था भारत, खड़गे ने पीएम पर साधा निशाना

Budget Session 2026 News: राज्यसभा में आज मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी को हिंसाग्रस्त मणिपुर जाने में दो साल क्यों लग गए?
Modi journey to Manipur took...Vasco da Gama reached India in just 11 months, Kharge targeted the PM
पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे। इमेज-एआई
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Mallikarjun Kharge News : संसद के बजट सत्र के बीच बुधवार को राज्यसभा में एक बार फिर मणिपुर हिंसा की गूंज सुनाई दी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री को हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर जाने में दो साल का लंबा वक्त क्यों लग गया।

इतिहास के बहाने पीएम पर निशाना मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण में तंज कसते हुए कहा कि 15वीं शताब्दी में जब तकनीक और संसाधन सीमित थे, तब भी पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को डी गामा 11 महीने में पुर्तगाल से भारत पहुंच गया था।

दिल्ली से मणिपुर पहुंचने में लग गए दो साल

वहीं, क्रिस्टोफर कोलंबस ने दो महीने में नई दुनिया की खोज कर ली थी। खड़गे ने आगे कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि हमारे प्रधानमंत्री को दिल्ली से मणिपुर पहुंचने में दो साल लग गए। क्या पूर्वोत्तर के प्रति केंद्र सरकार की चिंता व्यक्त करने का यही तरीका है?

पूर्वोत्तर के राज्य सरकार की प्राथमिकता में नहीं?

मणिपुर की स्थिति और विपक्ष की मांग मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर महीनों से जातीय हिंसा और अस्थिरता का सामना कर रहा है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व की ओर से वहां की जनता को जो भरोसा मिलना चाहिए था, उसमें बहुत देरी हुई। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार के लिए पूर्वोत्तर के राज्य प्राथमिकता में नहीं हैं।

मई 2023 से मणिपुर में हिंसा जारी

गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है। इस हिंसा में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देने और प्रदेश की शांति बहाली के लिए ठोस कदम उठाने की मांग करता रहा है। इस बजट सत्र में भी यह मुद्दा सरकार के लिए गले की हड्डी बना हुआ है। खड़गे के इस भाषण के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से टोकाटाकी भी हुई, लेकिन उन्होंने अपनी बात मजबूती से रखते हुए सरकार को राजधर्म की याद दिलाई।

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