

Nishikant Dubey on Rahul Gandhi: संसद के बजट सत्र के दौरान पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से जुड़े विवाद के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को कड़ी नसीहत दे डाली। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखे गए एक पत्र का जिक्र करके राहुल गांधी पर निशाना साधा।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में दुबे ने कहा कि राहुल गांधी, कृपया अपने नाना नेहरू जी के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल करिअप्पा के बारे में विचार पढ़ें। जनरल थिमैया का पत्र, फील्ड मार्शल मानेकशॉ का पत्र और मथाई जी की किताब बहुत खतरनाक हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा का कुछ तो लिहाज करें।
झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी एक्स पोस्ट में एक तस्वीर भी शेयर की। तस्वीर में मोटे अक्षरों में यह टेक्स्ट लिखा है। जिसका हिंदी अनुवाद है, "जनरल करिअप्पा पूरी तरह से पटरी से उतर गए हैं, मानसिक रूप से और हर तरह से। नेहरू और पहले सेना प्रमुख के बीच तनावपूर्ण संबंध पत्रों में उजागर।"
इसमें आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री की राय में जनरल करिअप्पा का गैर-सैन्य मामलों में बार-बार दखल देना अक्सर टकराव का कारण बनता था। इसके परिणामस्वरूप दोनों के बीच कई तीखे पत्रों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पहले सेना प्रमुख जनरल एम करिअप्पा के बीच गहरी दरार साफ तौर पर सामने आई।
संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले यह जवाब देना चाहिए कि तिब्बत चीन को किसने दिया? अक्साई चिन चीन को किसने दिया, यह कहते हुए भी कि वहां घास का एक तिनका भी नहीं उगता?
निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि जो जीन कभी हमारा पड़ोसी नहीं था, जिसकी भारत के साथ कोई सीमा नहीं थी, उसे हमारे देश का पड़ोसी किसने बनाया? क्या नेपाल, भूटान और तिब्बत भारत और चीन के बीच तीन बफर राज्य नहीं थे? दुबे के इन सवालों पर अभी तक कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।