
Onion subsidy demand (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yeola Farmers Protest: प्याज के दामों में भारी गिरावट के विरोध में बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे किसानों ने जय जवान, जय किसान और “प्याज को उचित भाव मिलना ही चाहिए” के नारों के साथ पुणे-इंदौर महामार्ग पर अचानक चक्का जाम कर दिया। इस अचानक हुए आंदोलन से प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब आधे घंटे तक चले इस ‘रास्ता रोको’ आंदोलन के कारण महामार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
आंदोलनकारियों की ओर से छावा संगठन ने तहसीलदार आबा महाजन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर शहर पुलिस निरीक्षक अनिल भवारी अपने दल के साथ मौके पर मौजूद थे। ज्ञापन में प्रमुख मांग यह रखी गई कि जिन किसानों ने अपना कांदा (प्याज) दो हजार रुपये प्रति क्विंटल से कम भाव में बेचा है, उन्हें प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाए।

ज्ञापन में अन्य महत्वपूर्ण मांगों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें मक्का को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर बेचने वाले किसानों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 50 प्रतिशत राशि की तत्काल भरपाई देने, व्यापारियों को निर्यात के लिए अनुदान प्रदान करने और 30 जून 2026 तक की कर्जमाफी को बिना किसी शर्त के लागू करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही किसानों को तुरंत नया ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
ये भी पढ़े: चंद्रपुर कांग्रेस में दो फाड़, ग्रुप रजिस्ट्रेशन विवाद पहुंचा दिल्ली दरबार, 10 फरवरी मेयर चुनाव पर संकट
इस आंदोलन में किसान मोर्चा के गोरख संत, प्रफुल्ल गायकवाड, विजय मोरे, सोपान लांडगे, दीपक सहानखोरे सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस के हस्तक्षेप और ज्ञापन स्वीकार किए जाने के बाद यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया गया।






