
मुकेश अंबानी और लैरी फिंक, (सोर्स- नवभारत ब्यूरो)
Mukesh Ambani And Larry Fink: कॉर्पोरेट जगत के इतिहास में कुछ सौदे मेजों पर महीनों की बातचीत के बाद तय होते हैं, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और ब्लैक रॉक (BlackRock) के संस्थापक लैरी फिंक के बीच का यह ऐतिहासिक गठबंधन एक छोटी सी कार यात्रा के दौरान शुरू हुआ था। यह कहानी है उस ‘पांच मिनट की सवारी’ की, जिसने भारत के एसेट मैनेजमेंट उद्योग में हलचल मचा दी।
इस साझेदारी की शुरुआत तब हुई जब मुकेश अंबानी और लैरी फिंक एक ही कार में यात्रा कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, अंबानी ने फिंक से केवल एक सीधा सवाल पूछा: “क्या आप भारत में हमारे साथ मिलकर कुछ बड़ा करना चाहेंगे?” लैरी फिंक का जवाब तुरंत और सकारात्मक था। उस छोटी सी यात्रा के खत्म होने तक, Jio BlackRock की नींव रखी जा चुकी थी।
यह मुलाकात रिलायंस के डिजिटल साम्राज्य और दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर (BlackRock) के बीच $150 मिलियन (प्रत्येक) के शुरुआती निवेश के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर में तब्दील हो गई।

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत के निवेश बाजार में ‘डिजिटल-फर्स्ट’ दृष्टिकोण लाना है।
मुकेश अंबानी और लैरी फ़िंक ने अगले 20–30 वर्षों को “भारत का युग” बताया। मुंबई में JioBlackRock द्वारा आयोजित एक फ़ायरसाइड चैट के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में निवेश करने और भागीदारी निभाने के लिए भारतीयों के पास अभूतपूर्व अवसर हैं।#MukeshAmbani #RIL… pic.twitter.com/zioiEMHakS — NavBharat Live (@TheNavbharatliv) February 4, 2026
यह भी पढ़ें: ‘Jio में पैसा लगाना मेरे जीवन का सबसे बड़ा रिस्क’, मुकेश अंबानी का बड़ा खुलासा
जियो ब्लैक रॉक ने हाल ही में अपने म्यूचुअल फंड व्यवसाय के लिए SEBI से सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त कर ली है। यह गठबंधन न केवल भारत के मौजूदा म्यूचुअल फंड घरानों के लिए चुनौती पेश कर रहा है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे दो वैश्विक दिग्गज केवल भरोसे और एक विजन के दम पर मिनटों में बड़े फैसले ले सकते हैं।






