पांच मिनट की एक अरब डॉलर वाली सवारी, मुकेश अंबानी और लैरी फिंक ने कैसे रखी 'जियो ब्लैक रॉक' की नींव

Mukesh Ambani: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और ब्लैक रॉक (BlackRock) के संस्थापक लैरी फिंक के बीच का यह ऐतिहासिक गठबंधन एक छोटी सी कार यात्रा के दौरान शुरू हुआ था।
पांच मिनट की एक अरब डॉलर वाली सवारी, मुकेश अंबानी और लैरी फिंक ने कैसे रखी 'जियो ब्लैक रॉक' की नींव
मुकेश अंबानी और लैरी फिंक, (सोर्स- नवभारत ब्यूरो)
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Mukesh Ambani And Larry Fink: कॉर्पोरेट जगत के इतिहास में कुछ सौदे मेजों पर महीनों की बातचीत के बाद तय होते हैं, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और ब्लैक रॉक (BlackRock) के संस्थापक लैरी फिंक के बीच का यह ऐतिहासिक गठबंधन एक छोटी सी कार यात्रा के दौरान शुरू हुआ था। यह कहानी है उस 'पांच मिनट की सवारी' की, जिसने भारत के एसेट मैनेजमेंट उद्योग में हलचल मचा दी।

इस साझेदारी की शुरुआत तब हुई जब मुकेश अंबानी और लैरी फिंक एक ही कार में यात्रा कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, अंबानी ने फिंक से केवल एक सीधा सवाल पूछा: "क्या आप भारत में हमारे साथ मिलकर कुछ बड़ा करना चाहेंगे?" लैरी फिंक का जवाब तुरंत और सकारात्मक था। उस छोटी सी यात्रा के खत्म होने तक, Jio BlackRock की नींव रखी जा चुकी थी।

 50:50 जॉइंट वेंचर में तब्दील

यह मुलाकात रिलायंस के डिजिटल साम्राज्य और दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर (BlackRock) के बीच $150 मिलियन (प्रत्येक) के शुरुआती निवेश के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर में तब्दील हो गई।

जियो ब्लैक रॉक का लक्ष्य

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत के निवेश बाजार में 'डिजिटल-फर्स्ट' दृष्टिकोण लाना है।

  • सस्ता निवेश: ब्लैक रॉक की वैश्विक विशेषज्ञता और रिलायंस की डिजिटल पहुंच के जरिए भारतीय निवेशकों को कम लागत वाले निवेश विकल्प प्रदान करना।
  • लोकतंत्रीकरण: देश के कोने-कोने तक निवेश समाधान पहुंचाना, जहां पारंपरिक म्यूचुअल फंड अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं।
  • तकनीक का संगम: जियो के विशाल नेटवर्क और ब्लैक रॉक की निवेश तकनीक 'अलादीन' (Aladdin) का उपयोग करके निवेशकों को बेहतर अनुभव देना।

बाजार पर प्रभाव

जियो ब्लैक रॉक ने हाल ही में अपने म्यूचुअल फंड व्यवसाय के लिए SEBI से सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त कर ली है। यह गठबंधन न केवल भारत के मौजूदा म्यूचुअल फंड घरानों के लिए चुनौती पेश कर रहा है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे दो वैश्विक दिग्गज केवल भरोसे और एक विजन के दम पर मिनटों में बड़े फैसले ले सकते हैं।

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