
भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह और अन्नामलाई।
BJP News : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ी भाजपा के लिए बुरी खबर सामने आ रही। कर्नाटक पुलिस में जांबाज अफसर रहे अन्नामलाई ने पार्टी की ओर से दी गई 6 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों के इलेक्शन इंचार्ज की जिम्मेदारी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। अन्नामलाई ने इसके पीछे अपने बीमार पिता की देखभाल का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे।
अन्नामलाई ने प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को पत्र लिखकर कहा है कि वे फिलहाल यात्रा करने या सक्रिय जमीनी काम करने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए सिंगानल्लूर और मदुरै दक्षिण जैसी 6 सीटों के लिए किसी और को नियुक्त किया जाए। उन्होंने कोयम्बटूर में किराए का मकान लिया है ताकि पिता की सेवा के साथ जनता से जुड़े रहें। वैसे, जिस सिंगानल्लूर सीट से उनके लड़ने की चर्चा थी, वहां की जिम्मेदारी छोड़ने से उनके चुनाव लड़ने पर भी सवालिया निशान लग गया है।
भाजपा नेता अन्नामलाई की आक्रामक राजनीति और अन्नादुरै व जयललिता पर की गई टिप्पणियों के कारण AIADMK ने भाजपा से दशकों पुराना रिश्ता तोड़ा था। सूत्रों की मानें तो गठबंधन दोबारा बहाल करने के लिए भाजपा ने अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर एक तरह से उनकी बलि दी थी। अब जब भाजपा और AIADMK फिर से साथ हैं तो अन्नामलाई का कद पार्टी के भीतर पहले जैसा नहीं रहा।
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वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और अन्नामलाई के बीच चल रहा शीत युद्ध अब जगजाहिर है। नागेंद्रन ने पद संभालते ही अन्नामलाई के दौर के वॉर रूम कल्चर को खत्म कर दिया है। उनके वफादारों को साइडलाइन किया जा रहा है। नागेंद्रन का तर्क है कि पार्टी में व्यक्तिगत वफादारी नहीं, बल्कि टीम वर्क चलेगा। ऐसे में अन्नामलाई का यह चुनावी सरेंडर भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका साबित हो सकता है।






