

Yumnam Khemchand Oath: पिछले 33 महीनों से हिंसा से जूझ रहे मणिपुर को नया मुख्यमंत्री मिल गया है। युमनाम खेमचंद सिंह राज्य के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राजभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इसके साथ ही सूबे को पहली महिला उपमुख्यमंत्री भी मिल गई है। नेमचा किपगेन और लोदी दिखो ने भी डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली। नेमचा किपगेन मणिपुर की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनी हैं। दो अलग-अलग समुदाय के डिप्टी सीएम बनाकर भाजपा ने गतिरोध कम करने की कोशिश की है।
युमनाम खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं। खेमचंद ने अपनी सियासी शुरुआत टीएमसी से की थी। उन्होंने पहली बार सिंगजामेई विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद वे भाजपा से जुड़े और आरएसएस से नजदीकियां बढ़ीं। 2017 और 2022 में दोबारा से सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। खेमचंद ने मणिपुर विधानसभा के स्पीकर भी रहे हैं और एन बीरेन सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
नई सरकार में कुकी समुदाय की नेमचा किपगेन को डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाया गया है। नेमचा ने 2017 और 2022 दोनों चुनावों में बीजेपी के टिकट पर कुकी-बहुसंख्यक निर्वाचन क्षेत्र कांगपोकपी सीट जीती थीं। वे भी एन बीरेन सिंह सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। नेमचा उन 10 कुकी विधायकों में से एक हैं जिन्होंने पहाड़ी इलाकों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी।
लोधी दिखो नागा समुदाय से हैं और उन्होंने 2012, 2017 और 2022 में नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता है। वह विधानसभा में NPF विधायक दल के नेता भी हैं और बीरेन सिंह के मंत्रिमंडल में प्रिंटिंग और स्टेशनरी मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। मणिपुर में दो डिप्टी चीफ मिनिस्टर नियुक्त करने की रणनीति को दोनों समुदायों को खुश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
मंगलवार को एनडीए यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया था। जिसके बाद उन्होंने आज विधायकों के साथ राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया था।