विवादों में घिरी इमरान हाशमी की ‘हक’, शाह बानो के फैमिली ने फिल्म रिलीज पर रोक लगाने की उठाई मांग

Emraan Hashmi Haq Movie: इमरान हाशमी की फिल्म ‘हक’ रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। शाह बानो बेगम के उत्तराधिकारियों ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की है।
Shah Bano Family Files Plea
इमरान हाशमी की फिल्म ‘हक’ (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Shah Bano Family Files Plea: बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम धर और इमरान हाशमी स्टारर फिल्म ‘हक’ अपनी रिलीज से पहले ही कानूनी विवाद में फंस गई है। शाह बानो बेगम के कानूनी उत्तराधिकारियों ने इंदौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि फिल्म में शरिया कानून को गलत रूप में दिखाया गया है और इससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

परिवार के सदस्यों ने अपने वकील एडवोकेट तौसीफ वारसी के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया है कि फिल्म निर्माताओं ने शाह बानो बेगम की निजी जिंदगी को उनकी अनुमति के बिना दर्शाया है। याचिका में कहा गया है कि न तो परिवार से कोई अनुमति ली गई और न ही उन्हें फिल्म के कंटेंट की जानकारी दी गई।

शाह बानो बेगम ने 'हक' को लेकर दायर की याचिका

वकील तौसीफ जेड वारसी ने मीडिया को बताया कि फिल्म में शाह बानो के जीवन से जुड़े निजी पहलुओं को दिखाया गया है, जो संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा, “यह लगभग दो घंटे की फिल्म है और हमें नहीं पता कि इसमें किन घटनाओं को किस दृष्टिकोण से दिखाया गया है। ऐसे में पहले उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को कहानी बताई जानी चाहिए थी।”

फिल्म ‘हक’ 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म का ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया था, जिसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। हालांकि, अब कानूनी विवाद के चलते इसकी रिलीज पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

फिल्म की क्या है कहानी

फिल्म निर्माताओं की ओर से हितेश जैन, परिणाम लॉ और नाइक एंड नाइक के अमीत नाइक अदालत में पक्ष रख रहे हैं। उनका कहना है कि फिल्म एक फिक्शनल ड्रामा है, जो समाजिक और कानूनी पहलुओं पर आधारित है। निर्माताओं के मुताबिक, ‘हक’ एक प्रेम कहानी के रूप में शुरू होती है और आगे चलकर एक पति-पत्नी के बीच का विवाद एक बड़ी कानूनी बहस में बदल जाता है। फिल्म में संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समान नागरिक संहिता जैसे अहम मुद्दे को उठाया गया है। अब देखना यह होगा कि इंदौर हाई कोर्ट इस विवाद पर क्या फैसला सुनाता है और क्या फिल्म नियत तारीख पर सिनेमाघरों तक पहुंच पाएगी या नहीं।

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