
8वें वेतन आयोग की वेबसाइट लॉन्च (सोर्स-सोशल मीडिया)
8th Pay Commission Official Website Launch: देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अब 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है जो काफी समय से प्रतीक्षित थी। इस कदम का उद्देश्य वेतन निर्धारण प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और समावेशी बनाना है। अब कर्मचारी सीधे अपनी राय और सुझाव सरकार तक डिजिटल माध्यम से आसानी से पहुंचा सकते हैं।
केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को अब पूरी दुनिया के सामने लाइव कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने पारदर्शिता दिखाते हुए सीधे सभी हितधारकों से उनके वेतन ढांचे पर सुझाव मांगे हैं। अब कोई भी सामान्य कर्मचारी घर बैठे अपनी बात सीधे आयोग के सामने मजबूती से रख सकता है।
वेतन आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह कर्मचारी संगठनों के साथ-साथ आम पेंशनभोगियों से भी इनपुट आमंत्रित कर रहा है। इसके लिए ‘MyGov’ पोर्टल के साथ एक विशेष साझेदारी की गई है जो प्रक्रिया को काफी सरल बनाती है।
आयोग ने केवल सुझाव ही नहीं मांगे हैं बल्कि एक बहुत ही व्यवस्थित और विस्तृत प्रश्नावली भी तैयार की है। इस प्रश्नावली में कुल 18 महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं जो भविष्य के वेतन ढांचे की मजबूत नींव रखेंगे। इसमें फिटमेंट फैक्टर और आर्थिक विकास जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता से गहराई से राय मांगी गई है।
इन सवालों के जवाब देने और अपनी राय दर्ज करने के लिए आपके पास 16 मार्च 2026 तक का समय है। आयोग ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के कागजी पत्र या ईमेल पर भेजे गए सुझाव नहीं लेगा। पूरी प्रक्रिया को सेंट्रलाइज्ड रखने के लिए सभी जवाब केवल अधिकृत पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे।
आयोग ने कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाया है कि जवाब देने वालों की पहचान पूरी तरह से सुरक्षित रखी जाएगी। कर्मचारी बिना किसी डर या संकोच के अपने वेतन और भत्तों से जुड़ी समस्याओं को साझा कर सकते हैं। यह डिजिटल पहल प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सरकार का एक बहुत ही सराहनीय और बड़ा कदम है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग अब यह जानने की कोशिश कर रहा है कि महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच क्या नीति अपनानी चाहिए। इसमें शीर्ष अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के कर्मियों के वेतन स्केल तय करने के पैमाने शामिल किए गए हैं। इन सुझावों के विश्लेषण के बाद ही नई सैलरी और भत्तों की भविष्य की रूपरेखा तैयार होगी।
अब कागज और कलम का पुराना दौर पूरी तरह खत्म हो चुका है और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। आयोग का मानना है कि जो लोग इस प्रक्रिया से प्रभावित होते हैं उनकी भागीदारी सबसे अधिक अहम है। इस नई व्यवस्था से लाखों पेंशनभोगियों को भी अपनी शिकायतों को उठाने का एक सशक्त मंच मिला है।
आयोग ने विशेष रूप से फिटमेंट फैक्टर पर सुझाव मांगे हैं जो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का मुख्य आधार है। यह कारक तय करता है कि मूल वेतन में कितनी वृद्धि की जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों को राहत मिले। जनता से पूछा गया है कि इसका लक्ष्य क्या होना चाहिए ताकि बढ़ती महंगाई का सामना किया जा सके।
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चाहे आप सेवारत कर्मचारी हों या रिटायर्ड पेंशनर या किसी यूनियन के सदस्य आप अपनी बात रख सकते हैं। आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी वर्ग की आवाज इस महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया में छूट न जाए। वेबसाइट (https://8cpc.gov.in/) के माध्यम से सुझाव देना अब हर किसी के लिए बहुत आसान हो गया है।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल पहल से भ्रष्टाचार कम होगा और लोगों का भरोसा व्यवस्था पर बढ़ेगा। मंत्रालयों और विभागों से भी विस्तार से राय मांगी गई है ताकि एक संतुलित वेतन रिपोर्ट तैयार हो सके। 16 मार्च के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी सुझाव पर आयोग द्वारा बिल्कुल भी विचार नहीं किया जाएगा।
Ans: आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://8cpc.gov.in/ है, जिसे अब लाइव कर दिया गया है।
Ans: कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने सुझाव 16 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।
Ans: नहीं, आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह फिजिकल पेपर, चिट्ठी या ईमेल पर भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं करेगा।
Ans: वेतन आयोग ने भविष्य के वेतन ढांचे को समझने के लिए कुल 18 महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं।
Ans: नहीं, आयोग ने आश्वासन दिया है कि जवाब देने वालों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।






