GCC निवेश में पुणे की बड़ी छलांग, बेंगलुरु के बाद दूसरा स्थान; मुंबई-दिल्ली पीछे

Pune GCC Investment: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भी भारत में विदेशी कंपनियों का निवेश बढ़ रहा है। GCC केंद्रों के लिए ऑफिस स्पेस डील में पुणे ने शानदार प्रदर्शन कर देश में दूसरा स्थान हासिल किया।
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पुणे जीसीसी इन्वेस्टमेंट ग्रोथ इंडिया (सौ. सोशल मीडिया )
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Global Capability Centers Office Space Deals: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत विदेशी कंपनियों के लिए प्रमुख निवेश केंद्र बना हुआ है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने के लिए कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय शहरों को प्राथमिकता दे रही हैं। इस प्रतिस्पर्धा में पुणे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया है।

बेंगलुरु के बाद पुणे का नाम

‘फिक्की’ और ‘अनारॉक ग्रुप’ की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, जीसीसी के लिए कार्यालयीन जगह के सौदों में बेंगलुरु 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहा। वहीं पुणे ने 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और मुंबई, दिल्ली तथा हैदराबाद जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया।

ऑफिस स्पेस बाजार में तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष देश के सात प्रमुख महानगरों में लगभग 8 करोड़ वर्ग फुट कार्यालयीन जगह किराए पर ली गई। इसमें जीसीसी केंद्रों की हिस्सेदारी 3 करोड़ 25 लाख वर्ग फुट रही, जो कुल सौदों का करीब 40 प्रतिशत है। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनियां तेजी से भारत में विस्तार कर रही हैं।

दक्षिण भारतीय राज्यों का दबदबा

कार्यालयीन जगह की नई आपूर्ति में दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी लगभग 51 प्रतिशत रही। हालांकि, पश्चिम भारत में स्थित पुणे ने अपने मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन के कारण निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।

विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षक विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत, उच्च गुणवत्ता वाला कार्यबल और बेहतर कारोबारी माहौल भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक बनाता है। पुणे में बढ़ता कॉर्पोरेट इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र इसे भविष्य में जीसीसी निवेश का प्रमुख केंद्र बना सकता है।

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