बाल मजदूरी का अड्डा 'आलीशान'! नागपुर में बिहार के मासूसों को बंधक बनाकर कराई बाल मजदूरी, पुलिस ने मारा छापा

Nagpur Child Labor Rescue: नागपुर में बिहार के 6 मासूमों को बंधक बनाकर कराया जा रहा था काम। बाल कल्याण समिति के सख्त आदेश, 'आलीशान' दुकान के संचालकों पर भी लटकी जांच की तलवार।
6 minors from Bihar rescued in Nagpur.
आलीशान से बच्चों को किया रेस्क्यू (सौजन्य-नवभारत)
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Child Welfare Committee Nagpur: बिहार के नाबालिग बच्चों को बंधक बनाकर जबरन काम कराने के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। बाल कल्याण समिति ने इस पूरे प्रकरण का सख्ती से संज्ञान लेते हुए संबंधित आरोपियों पर बाल कल्याण अधिनियम की धाराएं लगाने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।

जिस दुकान पर बच्चों से काम कराया जा रहा था उसका सीधा संबंध ‘आलीशान’ दुकान से होने की जानकारी भी सामने आई। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग तथा जिला बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम ने इतवारी, गांधीबाग स्थित नासिर क्रिएशन्स पर छापा मारकर 6 नाबालिगों को मुक्त कराया था।

जांच में सामने आया कि इन बच्चों से दिन-रात कपड़े सिलवाने सहित अन्य काम कराए जा रहे थे और तैयार माल ‘आलीशान’ दुकान को सप्लाई किया जाता था। इस संबंध में तहसील पुलिस ने नासिर क्रिएशन्स के मालिक इतवारी निवासी मोहम्मद नासिर अंसारी (28) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

बुनियादी सुविधाएं तक नहीं

मुक्त कराए गए बच्चों में 2 की उम्र मात्र 13 वर्ष, 2 की 16 वर्ष और 2 की 17 वर्ष बताई गई। सभी बच्चों को बिहार के भागलपुर जिले से अच्छे वेतन और सुविधाओं का लालच देकर नागपुर लाया गया था लेकिन यहां उनसे जबरन काम कराया जा रहा था।

उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान ने कहा कि पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मेंढे ने बताया कि इस प्रकरण में 'आलीशान' दुकान के संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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