UPI को और मजबूत बनाएगा RBI, डिजिटल भुगतान के तकनीकी ढांचे में होगा बड़ा सुधार

UPI Technical Infrastructure: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने UPI के तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की घोषणा की है। बजट 2026-27 में डिजिटल लेनदेन के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
RBI To Strengthen UPI Technical Infrastructure To Enhance Digital Payment Reliability In India
UPI पेमेंट्स पर बोले RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Promoting Low Value UPI Transactions: भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI को भविष्य के लिए और अधिक टिकाऊ बनाने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि UPI इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए तकनीकी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। यह कदम डिजिटल पेमेंट प्रणाली की विश्वसनीयता को बढ़ाने और बढ़ते लेनदेन के दबाव को संभालने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार कम मूल्य वाले UPI लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए बजट में भारी निवेश कर रही है ताकि अर्थव्यवस्था की गति तेज बनी रहे।

तकनीकी ढांचे में सुधार

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फरवरी की मौद्रिक नीति घोषणा के बाद मीडिया से बात करते हुए UPI की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि UPI भारत के लिए एक अनोखी व्यवस्था है जिसे आने वाले वर्षों में और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। सिस्टम की स्थिरता, गति और सुरक्षा को मजबूत करना अब समय की मांग बन गया है क्योंकि यूजर्स की संख्या बढ़ रही है।

ग्राहकों का बढ़ता भरोसा

इंफ्रास्ट्रक्चर में होने वाले इन सुधारों से ग्राहकों को लेनदेन के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी। मजबूत बुनियादी ढांचे के बिना इतने बड़े डिजिटल इकोसिस्टम को सुचारु रूप से चलाना भविष्य में काफी मुश्किल साबित हो सकता है। RBI का मुख्य फोकस अब UPI को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने पर केंद्रित हो गया है।

फ्री सेवा और एमडीआर

फिलहाल UPI आम जनता और व्यापारियों के लिए लगभग मुफ्त है और बैंक इसका खर्च सरकारी बजट के माध्यम से पूरा करते हैं। हालांकि पेमेंट कंपनियां काफी समय से मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाने की मांग कर रही हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार ने करीब 50 करोड़ यूजर्स की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल इस मांग को स्वीकार न करने का फैसला लिया है।

बजट और प्रोत्साहन

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने UPI और रूपे डेबिट कार्ड लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये रखे हैं। यह प्रोत्साहन राशि मुख्य रूप से बैंकों और थर्ड पार्टी ऐप्स के बीच बांटी जाती है ताकि डिजिटल भुगतान को गति मिल सके। हालांकि यह आवंटित राशि पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के मुकाबले थोड़ी कम है लेकिन फिर भी यह काफी महत्वपूर्ण है।

लेनदेन का नया रिकॉर्ड

हाल ही में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में दिसंबर तक UPI से 230 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ। इतने विशाल आंकड़े यह साबित करते हैं कि UPI अब वास्तव में भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन चुका है। देश के कोने-कोने में डिजिटल भुगतान की पहुंच ने नकद लेनदेन पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर दिया है।

भविष्य की चुनौतियां

जैसे-जैसे UPI पर लेनदेन का दबाव बढ़ रहा है वैसे-वैसे सिस्टम की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करना जरूरी हो गया है। तकनीकी ढांचे में सुधार होने से भविष्य में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भी काफी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। RBI का उद्देश्य एक ऐसा पारदर्शी और तेज डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना है जिस पर हर भारतीय नागरिक भरोसा कर सके।

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