कुंभ 2027 के लिए रेलवे अलर्ट, नासिक स्टेशनों का मेकओवर; 2-3 करोड़ श्रद्धालुओं की तैयारी

Nashik Kumbh 2027: सिंहस्थ कुंभ 2027 में 2–3 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे ने नासिक-त्रयंबकेश्वर क्षेत्र में स्टेशनों के उन्नयन का काम तेज कर दिया है।
Railways on alert for Kumbh Mela 2027, Nashik stations to undergo makeover; preparations underway for 2-3 crore devotees.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Railway Infrastructure for Kumbh: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे ने नासिक-त्रयंबकेश्वर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की गति तेज कर दी है। वर्ष 2027 में श्रद्धालुओं की संख्या 2 से 3 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2015 की तुलना में लगभग 50 गुना अधिक हो सकती है, इसी चुनौती से निपटने के लिए मध्य रेलवे के भुसावल मंडल ने स्टेशनों के मेकओवर और तकनीकी विस्तार का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल 'किलेबंदी'

मंडल रेल प्रबंधक पुनीत अग्रवाल के मार्गदर्शन में अधिकारियों की एक विशेष टीम इस परियोजना पर काम कर रही है। स्टेशनों पर प्लेटफार्मों की संख्या और लंबाई बढ़ाई जा रही है ताकि अधिक 'स्पेशल ट्रेनें' खड़ी की जा सकें। मनमाड और इगतपुरी के बीच 'ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम' स्थापित किया जा रहा है।

भविष्य का 'रेलवे नेटवर्क'

इससे दो ट्रेनों के बीच की दूरी कम होगी और कम समय में अधिक ट्रेने चलाई जा सकेंगी, मानवीय चूक को शून्य करने के लिए 12 प्रमुख स्टेशनों पर आधुनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने उन स्टेशनों की सूची तैयार की है जहां तकनीकी क्षमता का विस्तार किया जाएगा।

इन स्टेशनों पर नई पटरियां, विद्युतीकरण और अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली लगाई जाएगी, प्रमुख स्टेशनों में भुसावल, जलगांव, मनमाड, नासिक रोड, देवलाली, ओढा, खेरवाड़ी और कसबे सुकेने शामिल है।

यह तकनीक सुरक्षित रेल संचालन के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगी, अधिकारियों के अनुसार, यह निवेश केवल कुंभ मेले के लिए नहीं है। 'मेकओवर के बाद नासिक रोड और मनमाड जैसे स्टेशनों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी, जिससे उत्तर महाराष्ट्र में भविष्य में औद्योगिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों के यात्रा समय में भी कमी आएगी।

कुंभ रेलवे प्रोजेक्ट के मुख्य तकनीकी लाभ

क्रमांक तकनीक लाभ
1 ऑटोमैटिक सिग्नलिंग ट्रेनों के बीच का अंतराल कम होगा, जिससे अधिक ट्रेनें चल सकेंगी।
2 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पटरियों की क्षमता बढ़ेगी और सुरक्षा 100% सुनिश्चित होगी।
3 नई पटरियां और यार्ड स्टेशनों पर भीड़ के समय ट्रेनों को “होल्ड” करना आसान होगा।
4 यात्री सुविधाएं स्टेशनों पर प्रवेश व निकास के लिए अतिरिक्त फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।
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