
चीन में 28 किमी लंबा शेन्जेन-झोंगशान लिंक कॉरिडोर बनकर तैयार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Modern Maritime Engineering Projects: चीन ने समुद्र के बीच इंजीनियरिंग की एक बेजोड़ मिसाल पेश करते हुए आधुनिक समुद्री इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट की सूची में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह कॉरिडोर ग्रेटर बे एरिया में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। 28 किलोमीटर लंबे इस शेन्जेन-झोंगशान लिंक ने दुनिया भर के विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसमें शामिल 6.8 किलोमीटर लंबी अंडरवाटर सुरंग इसे अंडरवाटर टनल निर्माण का चमत्कार के रूप में पेश करती है।
चीन द्वारा अनावरण किया गया यह कॉरिडोर न केवल लंबा है बल्कि तकनीकी रूप से भी अत्यंत उन्नत माना जाता है। इस पूरे 28 किलोमीटर के सफर में पुलों, कृत्रिम द्वीपों और पानी के भीतर बनी सुरंगों का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। यह विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर दो प्रमुख शहरों के बीच की दूरी और समय को बहुत ही कम कर देने के लिए बनाया गया है।
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने 2 घंटे की लंबी यात्रा को घटाकर महज 20 मिनट का कर दिया है। इससे लोगों के समय की भारी बचत होगी और व्यापारिक गतिविधियों में भी बहुत तेजी आने की संभावना है। यह सी लिंक अब पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और परिवहन व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा बन चुका है।
इस प्रोजेक्ट का डिजाइन इतना शानदार है कि ऊपर से देखने पर यह किसी विशाल पक्षी या समुद्र पर उड़ती पतंग जैसा दिखता है। इसे विशेष रूप से समुद्र के भीषण तूफानों और तेज लहरों का सामना करने के लिए इंजीनियरिंग के नए मानकों पर बनाया गया है। यह डिजाइन न केवल देखने में सुंदर है बल्कि पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में भी पूरी तरह सक्षम है।
सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए इस लिंक पर बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों का भरपूर उपयोग हुआ है। समुद्र के नीचे बनी सुरंगों के रोजाना निरीक्षण के लिए उन्नत इंटेलिजेंट रोबोट तैनात किए गए हैं जो सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए यहां आधुनिक वेंटिलेशन और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया गया है।
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इस भव्य और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में चीन को 14 साल से भी ज्यादा का लंबा समय लगा है। इस दौरान लगभग 15,000 से ज्यादा मजदूरों ने दिन-रात मेहनत करके इस इंजीनियरिंग के चमत्कार को हकीकत में बदला है। निर्माण कार्य की जटिलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कई आधुनिक तकनीकों का प्रयोग हुआ है।
यह पूरा लिंक लगभग 137,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला है जो लगभग 19 फुटबॉल मैदानों के बराबर है। लिंगडिंगयांग के पानी में स्थित इसका पश्चिमी आर्टिफिशियल आइलैंड अब बे एरिया का एक नया समुद्री लैंडमार्क बन गया है। इसमें पानी के नीचे बने इंटरचेंज और प्रीफैब्रिकेटेड टनल सेक्शन इंजीनियरिंग स्किल की एक जीती-जागती मिसाल पेश करते हैं






