'हम US के साथ...', आईएस पर कार्रवाई को लेकर इस देश का चौंकाने वाला बयान, मिडिल ईस्ट में हलचल तेज

ISIS US Air Strike: सीरिया में आईएस के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमलों में जॉर्डन की सेना भी शामिल रही। 70 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई में 100 से अधिक सटीक हथियारों का इस्तेमाल हुआ।
'We are with the US...', this country's surprising statement on action against ISIS, tensions escalate in the Middle East.
अमेरिकी लड़ाकू विमान सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी के दौरान, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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Middle East News In Hindi:  जॉर्डन की राजधानी अम्मान से जारी बयान में जॉर्डन आर्म्ड फोर्सेज (जेएएफ) ने स्वीकार किया है कि उसने सीरिया में मौजूद इस्लामिक स्टेट (आईएस) के ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाए गए अमेरिकी सैन्य अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। जेएएफ ने कहा कि शुक्रवार को किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में जॉर्डन के फाइटर विमानों ने भी सहयोग किया था।

जेएएफ के मुताबिक, यह संयुक्त सैन्य अभियान अमेरिका के साथ मिलकर अंजाम दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य चरमपंथी संगठनों को सीरियाई जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए लॉन्चपैड के रूप में करने से रोकना था। जॉर्डन ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।

70 से अधिक संदिग्ध ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को सेंट्रल सीरिया में आईएस से जुड़े 70 से अधिक संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में 100 से ज्यादा सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया जिनका लक्ष्य आईएस का बुनियादी ढांचा, हथियार डिपो और ऑपरेशनल ठिकाने थे। सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में हुए उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिए की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन को जॉर्डन आर्म्ड फोर्सेज के फाइटर जेट्स का पूरा समर्थन मिला। हमलों के बाद आईएस के कई ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।

इस्लामिक स्टेट से लड़ने के लिए तैयार

इस बीच, सीरिया ने भी आईएस के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सीरियाई सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वह इस्लामिक स्टेट से लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगी कि सीरियाई क्षेत्र में आतंकियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे। बयान में यह भी कहा गया कि जहां-जहां यह खतरा पैदा होगा वहां सैन्य अभियान तेज किए जाएंगे। सीरिया ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के सदस्य देशों से इन प्रयासों का समर्थन करने की अपील की है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और क्षेत्र में स्थिरता बहाल हो सके।

घात लगाकर हमला किया

सेंट्रल कमांड के अनुसार, 13 दिसंबर को सीरिया में आईएस से जुड़े एक बंदूकधारी ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक मारे गए थे, जबकि तीन अन्य सैनिक घायल हुए थे। इसके बाद अमेरिकी और सहयोगी बलों ने सीरिया और इराक में 10 अलग-अलग ऑपरेशन चलाए, जिनमें 23 आतंकवादी मारे गए या गिरफ्तार किए गए।

हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने आधिकारिक तौर पर नहीं ली है। सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने पहले बताया था कि हमलावर की पहचान सीरिया की आंतरिक सुरक्षा सेवा के एक सदस्य के रूप में की गई थी।

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