उद्यमियों को परेशान करने वालों से सख्ती से निपटें, सीएम देवेंद्र का प्रशासन को सख्त निर्देश

Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में गुंडागर्दी और अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, साथ ही सुपा एमआईडीसी और दावोस समझौते से जुड़े निवेश और रोजगार पर बड़ी घोषणाएं कीं।
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Devendra Fadnavis (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Industrial Security Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुपा (पारनेर) एमआईडीसी में ‘तौरल इंडिया’ के अत्याधुनिक संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि उद्यमियों को परेशान करने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, “औद्योगिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी उद्यमी को काम करने में बाधा नहीं आनी चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आगामी पांच वर्षों तक बिजली दरों को स्थिर रखने या कम करने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

दावोस समझौते से बदलेगा अहिल्यानगर का चेहरा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस समझौते से उत्तर महाराष्ट्र के पांच जिलों में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिसमें अकेले अहिल्यानगर जिले को 11,519 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा। इससे 18 हजार रोजगार सृजित होंगे और पूरे उत्तर महाराष्ट्र में करीब 75 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पहले औद्योगिक विकास केवल मुंबई-पुणे तक सीमित था, लेकिन अब सुपा एमआईडीसी जैसे केंद्रों के माध्यम से इसका विकेंद्रीकरण हो रहा है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम

‘तौरल इंडिया’ के प्रोजेक्ट को ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हेलीकॉप्टर, जहाजों और सड़क निर्माण से जुड़े पुर्जे अहिल्यानगर में तैयार होंगे। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने भी इस मौके पर मराठी उद्यमियों की सफलता की सराहना की और कहा कि दावोस में हुए समझौते केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतर रहे हैं।

फडणवीस ने आगे कहा कि सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों में औद्योगिक प्रगति का संतुलन बनाए रखने पर जोर दे रही है। 2025 के दावोस दौरे में 16 लाख करोड़ रुपये के समझौते हुए, जिनमें से 75 प्रतिशत कार्यान्वयन के मार्ग पर हैं। इस कार्यक्रम में विधानसभा परिषद के सभापति राम शिंदे, पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और उद्योग मंत्री उदय सामंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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